भनवापुर। ब्लाॅक क्षेत्र के 27 गांवों में शनिवार को छाया एकीकृत वीएचएसएनडी टीकाकरण सत्र का आयोजन किया गया। शिविर में एएनएम द्वारा 384 बच्चों को टीका लगाया गया। इस दौरान 158 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई और टीका लगाया गया।
अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ने ग्राम भनवापुर, पिपरा गोसाई तथा चौखड़ा पहुंचकर टीकाकरण सत्र का औचक निरीक्षण किया तथा अपडेटेड डियूलिस्ट, लोजिस्टिक व टीकाकरण व एचआरपी रजिस्टर चेक किया।
अधीक्षक ने एएनएम द्वारा दी गई सेवाओं जैसे बीपी, शुगर, वजन, हीमोग्लोबिन, एचआईवी, सिफलिस व पेट आदि जांचों का भौतिक सत्यापन किया। अधीक्षक ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा कि टीकाकरण एवं संतुलित पोषण से बच्चों को बीमारियों से बचाया जा सकता है और पांच वर्ष तक बच्चों की मृत्यु दर को कम किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को समयबद्ध रूप से वैक्सीन जरूर लगाएं तथा छह माह तक सिर्फ मां का दूध और छह माह से दो वर्ष के बीच माता के दूध के साथ-साथ अन्नपूरक आहार जरूर दें।
उन्होंने कहा कि कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों में संक्रमण होने की संभावना अधिक होती है, इसलिए आंगनबाड़ी कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों की लाइन लिस्टिंग तैयार करते हुए एएनएम से चिकित्सीय इलाज व परामर्श दिलवाने में सहयोग करें, जिससे आवश्यकता अनुसार पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती करवाया जा सके।
बीएमसी सूर्यदेव सिंह तथा बीसीपीएम मेराज अहमद ने कहा कि आशा बहू नवजात शिशु व बच्चों के देखभाल कार्यक्रम, टीकाकरण के एक दिन पूर्व ड्यूलिस्ट अपडेसन तथा टीकाकरण सत्र पर लाभार्थियों को बुलाकर सेवा दिलवाने में विशेष ध्यान दें। इस दौरान रागिनी, मालती, निधि रैकवार, मधुबाला, पार्वती, मंजू, किरण रहीं।