शासन ने लौटाई नुकसान की रिपोर्ट, अधूरा आकलन पूरा करने के लिए तीन दिन का समय
सिद्धार्थनगर/भनवापुर। डुमरियागंज क्षेत्र में बाढ़ से 179.486 हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई है। इससे 695 किसान प्रभावित हुए हैं। जिला प्रशासन ने नुकसान की रिपोर्ट शासन को भेजी थी लेकिन अधूरा आकलन होने के कारण रिपोर्ट वापस कर दी गई। अब तीन दिन के भीतर आकलन पूरा कर दोबारा रिपोर्ट भेजने की तैयारी है। इससे प्रभावित किसानों को मुआवजे के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
खेतों में पानी उतरने के बाद फसलों की बर्बादी सामने आने लगी है। किसानों के सामने परिवार का खर्च चलाने का संकट है। अगली फसल की तैयारी के लिए बीज, खाद और अन्य संसाधन जुटाना भी मुश्किल हो रहा है। जिला प्रशासन की रिपोर्ट में 179.486 हेक्टेयर फसल नुकसान और 695 किसानों के प्रभावित होने का उल्लेख था। शासन ने अधूरे आकलन को पूरा करने के लिए तीन दिन का समय दिया है। राजस्व और कृषि विभाग नुकसान का आकलन पूरा कर रहे हैं। इसके बाद पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की कार्रवाई होगी।
किसानों पर आर्थिक संकट
बाढ़ का पानी उतरने के बाद बर्बाद फसलों की स्थिति स्पष्ट हो रही है। महीनों की मेहनत पर पानी फिरने से किसानों की आमदनी प्रभावित हुई है। खेती पर निर्भर परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने की चिंता है। अगली फसल की तैयारी भी उनके लिए एक चुनौती बन गई है। आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी से आगामी फसल प्रभावित हो सकती है। कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि विज्ञानी मार्कंडेय सिंह ने समय से सहायता उपलब्ध कराने को जरूरी बताया।
जल्द राहत की मांग
बड़हरा के किसान जवाहर और धनोहरा के किसान पंकज ने अपनी आर्थिक स्थिति प्रभावित होने की बात कही। उन्होंने बताया कि खेती की आमदनी पर ही घर का खर्च निर्भर है। अगली फसल के लिए बीज, खाद और अन्य संसाधनों का इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है। किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन पूरा कर जल्द मुआवजा दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि राहत में देरी से मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
बाढ़ प्रभावित फसलों के नुकसान का आकलन राजस्व विभाग के साथ किया जा रहा है। शासन से रिपोर्ट वापस आने के बाद बताई गई कमियों को दूर किया जाएगा। प्रभावित क्षेत्र और किसानों का विवरण पूरा किया जाएगा। सर्वेक्षण के आधार पर पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा। यह प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
- रविशंकर पांडेय, जिला कृषि अधिकारी