सिद्धार्थनगर। नेपाल में 26 अगस्त को भोटेकोशी-त्रिशूली नदी तंत्र में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत, तलाश और शवों की पहचान का काम जारी है। बुधवार सुबह छह बजे तक बाढ़ प्रभावित विभिन्न जिलों में 1,457 शव बरामद किए जा चुके हैं।
इसके अलावा काठमांडो में इलाज के दौरान दो लोगों की मौत हुई। नेपाल पुलिस के अनुसार, शवों की बरामदगी और पहचान का सिलसिला अभी भी जारी है।
बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में शवों के क्षत-विक्षत अवस्था में मिलने से उनकी पहचान चुनौती बनी हुई है। नेपाल पुलिस ने पहचान की प्रक्रिया में डीएनए परीक्षण, फिंगरप्रिंट और फोटो मिलान जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया है। डीएनए मिलान के लिए मृतकों के शवों से लिए गए नमूनों के साथ उनके परिजनों के नमूने भी लिए जा रहे हैं। अब तक कुल 3,418 डीएनए सैंपल जुटाए गए हैं। इनमें 1,336 नमूने मृतकों के और 2,082 उनके परिजनों के हैं।
शवों की पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें सुरक्षित तरीके से जमीन में रखा जा रहा है। अब तक 1,334 शवों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद मैनेज किया जा चुका है। वहीं, जिन शवों की अभी पहचान नहीं हो सकी है, उनकी तस्वीर और अन्य विवरण सार्वजनिक किए जा रहे हैं।
नेपाल पुलिस की वेबसाइट पर अब तक 1,440 अज्ञात शवों का ब्योरा अपलोड किया जा चुका है, ताकि लापता लोगों के परिजन उनकी पहचान कर सकें।
बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्य में नेपाल पुलिस की बड़ी संख्या में टीमें लगाई गई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में खोज, बचाव, राहत सामग्री वितरण और शवों के प्रबंधन समेत अन्य कार्यों के लिए अब तक 7,975 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों में लापता लोगों की तलाश की जा रही है। बुधवार तक 4,720 लोगों की तलाश जारी थी। कई इलाकों में दुर्गम भौगोलिक स्थिति और बाढ़ के बाद मलबे के कारण खोज अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
बाढ़ से विस्थापित लोगों को अलग-अलग जिलों में बनाए गए होल्डिंग सेंटरों में रखा गया है। बुधवार तक 1,179 लोग विभिन्न होल्डिंग सेंटरों में रह रहे थे। सरकार की ओर से अब राहत और बचाव के साथ पुनर्वास तथा पुनर्निर्माण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। नेपाल सरकार के अनुसार, आपदा के बाद 13,795 लोगों को जमीन और हवाई माध्यम से सुरक्षित निकाला गया है।