सिद्धार्थनगर/तुलसियापुर। सिद्धार्थनगर और बढ़नी रेलवे स्टेशन जल्द ही नए स्वरूप में दिखेंगे। यात्रियों को उच्चस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। स्टेशन पर पहुंचते ही क्षेत्रीयता का अहसास होगा। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए स्टेशनों का विकास किया जाएगा। अमृत काल में रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत की पहचान दिलाने के लिए बोर्ड ने दोनों स्टेशनों को चिह्नित किया है।
रेलवे ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशनों को आधुनिक बनाने का काम शुरू किया है। अमृत भारत स्टेशन योजना में चयनित देश के 1275 रेलवे स्टेशनों में पूर्वोत्तर रेलवे के तीनों मंडलों के 48 स्टेशन शामिल हैं। इनमें लखनऊ मंडल के 18 और वाराणसी व इज्जतनगर मंडल के 15-15 स्टेशनों को संवारा जाएगा। लखनऊ मंडल के स्टेशनों में सिद्धार्थनगर व बढ़नी का नाम शामिल किया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, मास्टर प्लान बनाकर चरणबद्ध रूप से विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके तहत लंबे प्लेटफार्म और गिट्टी रहित ट्रैक का निर्माण होगा। इंटरनेट की सुविधा के साथ ही पैदल मार्ग और पार्किंग की भी व्यवस्था की जाएगी। स्टेशनों पर रोशनी, छाया, पेयजल की भी उत्तम व्यवस्था होगी। साथ ही रिटायरिंग रूम, प्रतीक्षालय, फूड प्लाजा, एस्केलेटर, लिफ्ट आदि की व्यवस्था की जाएगी। स्टेशन अधीक्षक सिद्धार्थनगर डीके उपाध्याय ने बताया कि रेलवे स्टेशन के चयन की जानकारी है, लेकिन अभी इस संबंध में पत्र नहीं आया है।
योजना के अंतर्गत होने वाले विकास
सभी श्रेणियों के स्टेशनों पर करीब 600 मीटर लंबा उच्च स्तरीय प्लेटफार्म बनाया जाएगा। स्टेशनों पर मुफ्त वाई फाई की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। मास्टर प्लान के अंतर्गत 5जी टॉवर के लिए उपयुक्त स्थान की व्यवस्था की जाएगी। प्रतीक्षालय, विश्राम कक्ष व कार्यालयों में आरामदायक और टिकाऊ फर्नीचर की व्यवस्था की जाएगी।
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महिलाओं और दिव्यांगजनों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
अमृत भारत स्टेशन स्कीम 2023 के अंतर्गत महिलाओं और दिव्यांगजनों को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। उनके लिए सभी श्रेणियों के स्टेशनों पर पर्याप्त संख्या में शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। शौचालयों को ऐसे स्थान पर विकसित किया जाएगा जो उपयुक्त व आसानी से दिखाई देने वाला हो। इस योजना के तहत पार्किंग की सुविधा के साथ ही प्रकाश की अच्छी व्यवस्था की जाएगी। भारतीय रेलवे बोर्ड ने स्टेशनों के विकास के लिए 10 से 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।