सामुदायिक स्वास्थ केंद्र पर दोपहर डेढ़ बजे 102 नंबर एंबुलेंस से पहुंची प्रसूता के परिजन से इलाज के नाम पर रुपया मांगने लगी। रुपया न देने पर बिना डिलेवरी कराए ही प्रसूता को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन ने मोबाइल फोन से मामले की शिकायत चिकित्साधीक्षक से की।
ग्राम अगया निवासी सुरेंद्र अपनी पत्नी रीना को 102 नंबर एंबुलेंस से डिलेवरी के लिए शोहरतगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर आया और पर्चा कटा कर भर्ती के लिए मौके पर मौजूद स्टॉफ नर्स से कहा।
आरोप है कि स्टॉफ नर्स ने बिना कुछ देखे ही एक हजार रुपया की मांग की। रुपया न देने पर डिलेवरी कराने से मना करते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन 108 नंबर एंबुलेंस से प्रसूता को लेकर जिला अस्पताल के लिए रवाना हुए।
लोगों के बेहतर इलाज का दावा कैसे होगा पूरा सरकार एक तरफ मरीजों के बेहतर इलाज के लिए अस्पताल तक पहुंचाने के लिए निशुल्क 102 व 108 नंबर की एंबुलेंस का संचालन करवा रही है।
वहीं दूसरी तरफ अस्पताल पर व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते मरीजों का इलाज के नाम पर शोषण हो रहा है। इसका प्रमाण शुक्रवार को सीएचसी शोहरतगढ़ पर देखने को मिला।