संवाद न्यूज एजेंसी
पकड़ी बाजार। ग्रामीण क्षेत्र में बने मंदिर में भोलेशंकर को बेलपत्र जल चढ़ाकर पूजा अर्चना की गई। इस दौरान भोले शंकर के जयकारों से पूरा मंदिर गुंजायमान हो उठा। पकड़ी, बुढ़नईया, मधवापुर, जखौलिया, धनगढि़या मस्जिदिया, पिपरी मेहनौली, हतवा, बभनी बाजार, भटमला, बैजनथा, टडिया आदि जगहों पर बने मंदिर में सोमवार को भक्तों ने जलाभिषेक किया।
हर तरफ जय भोले-जय शिव शंभू की गूंज : सिद्धार्थनगर। सावन माह के तीसरे सोमवार पर भोर से ही मंदिर और शिवालय में शिवभक्त उमड़ पड़े। सुख समृद्धि के लिए भगवान शिव को जलाभिषेक किया। प्रमुख मंदिरों में हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। कई स्थानों पर महिलाओं और पुरुषों की अलग- अलग लाइन लगवाकर सुरक्षाकर्मियों ने दर्शन करवाए। वहीं लोगों ने रुद्राभिषेक भी किया।
जय श्री महाकाल और जय भोलेनाथ की जय- जयकार से मंदिर और शिवालय गूंज रहा था। नगर के पुरानी नौगढ़ शिव मंदिर, हनुमान गंढ़ी और सिंहेश्वरी मंदिर में भगवान भोलेनाथ की लोगों ने पूजा की।
हर-हर महादेव से गूंजे शिवालय: शोहरतगढ़। शिवालयों में जलाभिषेक के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। जो दोपहर तक चलती रही। नगर पंचायत व ग्रामीण क्षेत्रों के सभी शिवालयों में जलाभिषेक के बाद पंचामृत विल्वपत्र भांग धतूरा चंदन शमीपत्र फल फूल मेवा आदि चढ़ाकर सुख समृद्धि की कामना की। नेपाल के कृष्णानगर श्रीलक्ष्मी नारायण मंदिर में भी भोर से भोलेनाथ को जलाभिषेक के लिए भारी भीड़ रही है। डोई शिव मंदिर पर नगर पंचायत अध्यक्ष उमा अग्रवाल ने जलाभिषेक करने आए सभी श्रद्धालुओं में हलुआ चना का प्रसाद वितरण किया। संवाद
शिवभक्तों ने किया भारतभारी शिव मंदिर व बेवां शिव मंदिर में जलाभिषेक: भारतभारी। कांवड़ियों का जत्था अयोध्या व डुमरियागंज राप्ती नदी से जल भर कर प्राचीन शिव मंदिर पहुंचा और जलाभिषेक किया। रविवार की रात शिवभक्त डुमरियागंज राप्ती नदी से जल भरकर पद यात्रा करते हुए शिव मंदिर पहुंचे। सोमवार को भोर में अयोध्याधाम व राप्ती नदी से कांवड़ियों ने जलभर कर भारतभारी शिव मंदिर तथा बेवां शिव मंदिर में जलाभिषेक किया। इस मौके पर महंत अशोक दास, कुलदीप पांडेय, माता प्रसाद पांडेय, बब्लू मिश्रा आदि शामिल रहे।