पुलिस अधीक्षक ने सदर थाना परिसर में बुधवार को नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान व चौकीदारों की संयुक्त बैठक ली। उन्होंने रजिस्टर नंबर-8 को फिर से कार्यशील करते हुए ग्राम सुरक्षा समिति को पुनर्जीवित करने का निर्देश दिया। बताया कि बढ़ते अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस व ग्रामीणों की संयुक्त टीम बदमाशों का सामना करेगी। लाइसेंस धारकों को सुरक्षा समिति की सदस्यता अनिवार्य की जाएगी। बदमाशों का सामना करने के दौरान ग्रामीणों को आत्मसुरक्षा के अधिकार का भी लाभ दिया जाएगा।
बैठक को संबोधित करते हुए एसपी अजय कुमार साहनी ने ग्राम प्रधान व चौकीदारों से ग्राम सुरक्षा समिति के बारे में पूछा। किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। एसपी ने कहा कि पूर्व में ग्राम सुरक्षा समिति का गठन किया जाता रहा है। इसमें सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपी जाती थी कि किसका काम सामने से बदमाशों से मुकाबला करना है और कौन पहचान के लिए बदमाशों पर रंग फेंकने का काम करेगा।
इससे कानून व्यवस्था को बनाए रखने में पुलिस को सहायता मिलेगी। कहा कि बांसी में दो दिन पूर्व पुलिस को बदमाशों की मौजूदगी की सटीक सूचना मिली, लेकिन रास्ते का ज्ञान न होने के कारण पुलिस मौजूदगी स्थल के आसपास भटकती रही। सुरक्षा समिति बनने से पुलिस को इसमें भी सहायता मिलेगी।
चौकीदार व प्रधानों को सचेत किया कि अगर क्षेत्र में घूमंतू जाति के बंजारों का गोल दिखता है तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित थाने को दें। एएसपी मंशाराम गौतम ने कहा कि चौकीदारों की नियुक्ति ग्राम पुलिस के नाम से होती है। गांव से शुरू होने वाली बीट व्यवस्था के प्रथम अंग के रूप में चौकीदार आते हैं।
पुलिस अधिकारियों ने चौकीदारों को साफा देकर पुरस्कृत किया। इस दौरान सीओ सदर अकमल खान, एसओ सदर शिवाकांत मिश्रा, कोतवाल बांसी शमशेर बहादुर सिंह, पीआरओ एसपी विनय मिश्रा समेत ग्राम प्रधान व चौकीदार मौजूद रहे।