सिद्धार्थनगर। 12 नवंबर को श्री हरि विष्णु योग निद्रा से जाग जाएंगे। देवोत्थान एकादशी के साथ ही शहनाइयों की गूंज हर जगह सुनाई देगी। इसके लिए बाजार भी तैयार हो गया है। साथ ही होटल, बैंडबाजा और बारातघर बुक हो चुके हैं।
मंगलवार को देवोत्थान एकादशी के साथ ही वैवाहिक कार्यक्रम शुरू हो रहे हैं। शादी वाले घरों में बैंड, बाजा और बारात की तैयारियां जोरों पर की जा रही हैं। मैरिज लॉन बुक हो चुके हैं। सहालग के पहले दिन जिले में 200 से अधिक शादियां होने का अनुमान है।
ज्योतिषाचार्य पंडित योगेश पांडेय का कहना है कि इस दिन व्रत करने से एक जन्म नहीं, बल्कि कई जन्मों के पापों का नाश होता है। एकादशी पर तुलसी विवाह का आयोजन भी होता है। ं
ज्योतिष की दृष्टि से भी इस दिन का काफी महत्व है। देवोत्थान एकादशी मंगलवार के दिन है। भगवान विष्णु बृहस्पति के स्वामी हैं, उनका इसी दिन जागना शुभ है। अब शादियां हो सकेंगी।