सिद्धार्थनगर। अब बीएसए मैदान में लोगों को छाए के भटकना नहीं पड़ेगा। सुबह खुली हवा में टहलने आने वाले लोगों को अब बीएसए मैदान में तेज धूप होने पर भी व्यायाम करने के लिए छाया मिल सकेगा। मैदान के जलभराव वाले क्षेत्र में बांस के कटीले पौधों की सुरक्षा में छायादार वृक्ष तैयार हो रहे है। वन विभाग ने इस बड़े मैदान के दक्षिणी एवं पश्चिमी हिस्से में दो ग्रीन बेल्ट तैयार किया है। वर्तमान में भी लोग तेज धूप से बचने के लिए इसके छाए के नीचे शरण लेते नजर आ रहे है।
वैसे तो वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष 39 लाख पौधे रोपित किए गए थे, लेकिन इनमें कितने सुरक्षित बचे हुए इसका आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। इस वर्ष भी इतने ही पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है, जो कि जुलाई माह से शुरू होगा। पांच वर्ष पूर्व वन विभाग ने बीएसए मैदान के जलभराव वाले दो हिस्से में पौधरोपण का प्रयास किया, लेकिन छुट्टा पशुओं के चलते उनकी सुरक्षा नहीं हो पाई। जिसके बाद अगले वर्ष पूर्व विभाग ने यहां तार से घेर कर पौधरोपण किया, लेकिन जलभराव से नष्ट हो गया। तीन वर्ष पूर्व विभाग ने यहां चारों तरफ बांस की पौध लगाकर बीच में छायादार पौध रोपित किए, जो वृक्ष बनने की तरफ अग्रसर है। क्षेत्रीय अधिकारी नौगढ़ वन विभाग शरद कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि इन पौधों के तैयार होने से जहां लोगों को स्वच्छ हवा मिलेगी, वहीं लोगों को छाया भी मिलेगा।
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स्वच्छ पर्यावरण से ही स्वस्थ रहेंगे सभी : कुलसचिव
: सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में कार्यक्रम आयोजित हुआ। कुलसचिव अमरेंद्र कुमार सिंह ने कहा की हमारे जीवन में पर्यावरण का विशेष महत्व है। पर्यावरण स्वच्छ होगा, तभी हम स्वस्थ रह पाएंगे। इसलिए पर्यावरण को सुरक्षित रखना न केवल सभी की नैतिक जिम्मेदारी है, बल्कि यह निजी आवश्यकता भी है। हर व्यक्ति की पर्यावरण के प्रति कुछ जिम्मेदारी है क्योंकि वह केवल न भोजन एवं अन्य पदार्थ प्रदान करते है बल्कि मानव की अच्छा जीवन जीने के लिए सुरुचिपूर्ण ढंग से संतुष्ट भी करते है।