सिद्धार्थनगर। एक जिला-एक उत्पाद के तहत चयनित कालानामक धान के संवर्धन के साथ ही किसानों को उपज का वाजिब मूल्य देने की कवायद तेज कर दी गई है। जनपद से लेकर शासन स्तर तक इसे बढ़ावा देने के लिए हर कदम पर प्रयास किया जा रहा है।
सूबे में योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में भाजपा की सरकार बनने के बाद हर जिले से संबंधित एक-एक उत्पाद का चयन करते हुए उसे बढ़ावा देने के लिए एक जिला-एक उत्पाद योजना लागू की गई। इसके तहत जिले में काला नामक धान का चयन किया गया। इसे लेकर शासन के निर्देश पर समय-समय पर बैठकों के साथ ही स्थलीय भ्रमण के जरिये ही किसानों से संपर्क कर कालानमक धान की खेती को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में जिलाधिकारी कुणाल सिल्कू की अध्यक्षता में पीआरडीएफ व बेटलैंड गलोरी नामक संस्था के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई।
इस बैठक में काला नामक धान का कृषि विभाग ने समर्थन मूल्य 40 रुपये प्रति किलो देने का प्रस्ताव रखा। इस पर बेटलैंड गलोरी के जिम्मेदारों ने 28 रुपये प्रति किलो देने की बात कही। वहीं जिलाधिकारी ने क्षेत्र में भ्रमण कर इस मुद्दे पर संयुक्त रूप से सर्वे करने के लिए निर्देशित किया। वास्तविक रिपोर्ट एक सप्ताह भीतर उपलब्ध कराने की भी बात कही। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिता माथुर, उप कृषि निदेशक डॉ. पीके कन्नौजिया, पीआरडीएफ के आरसी चौधरी, गलोरी के एके सिंह, डॉ पीके श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।