फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: मासूम की हत्या की विवेचना में बढ़ी संपत्ति की लालच और बरामदगी की धारा

Mon, 02 Oct 2023 01:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। मोहाना थाना क्षेत्र के ग्राम बर्डपुर नंबर पांच के टोला परसा बेलहरी में एक वर्ष पूर्व चार वर्षीय मासूम बच्चे की हत्या के मामले में जेल में बंद बाप-बेटी के गुनाह का फैसला कोर्ट में 30 गवाहों की गवाही पर निर्भर है। पहले युवती ने हत्या कारण ताना मारना बताया था, लेकिन बाद में उसने कबूला कि बच्चे के लॉकेट की लालच में हत्या की थी। इस केस की दोबारा विवेचना हुई और लालच में हत्या और जेवर बरामद करने की धारा बढ़ाई गई।
विज्ञापन



मोहाना थानाक्षेत्र के ग्राम बर्डपुर नंबर पांच के टोला परसा बेलहरी में 25 सितंबर 2022 को पड़ोसी के चार वर्षीय बच्चे शनि चौरसिया को ज्योति यादव एवं उसके पिता रामसिलन यादव ने हत्या करके सबूत मिटाने की नीयत से लाश को बोरे में भरकर बक्से में छिपा दिया था। तलाशी के दौरान अभियुक्तों के घर से ही लाश बरामद हुई थी। युवती ने पहले हत्या का कारण मासूम की मां पर ताना मारना बताया था, लेकिन पुलिस की विवेचना में जेवर की लालच में हत्या का केस बना, जबकि इस मामले में उसके पिता के खिलाफ भी पुलिस द्वारा आरोप साबित हुआ।

मृतक मासूम के बड़े पिता प्रताप नारायन चौरसिया पुत्र रामनरेश ने मोहाना थाने पर तहरीर दी कि 25 सितंबर 2022 को मेरे छोटे भाई राजेश चौरसिया का चार वर्षीय बेटा शनि चौरसिया और साढ़े तीन वर्षीय मेरा नाती आर्यन एक साथ दोपहर में करीब एक बजे गांव के ही रामसिलन यादव पुत्र लोखई यादव के दरवाजे पर खेल रहे थे। उसका नाती आर्यन घर चला आया लेकिन शनि नहीं आया। वह लोग शनि की खोजबीन करने लगे, लेकिन कोई सूचना नहीं मिल पाई। तब आर्यन से पूछा गया तो उसने बताया कि वह रामसिलन यादव के घर टीवी देख रहे थे। वह वापस आ गया लेकिन शनि वहीं रुक गया। शक होने पर वह लोग रामसिलन व उसकी पुत्री ज्योति (19) से पूछताछ की तो दोनों लोग इधर-उधर की बात करने लगे और कुछ नहीं बताए।
विज्ञापन

पुलिस ने ज्योति यादव एवं उसके पिता रामसिलन यादव के विरुद्ध हत्या एवं सबूत मिटाने के अपराध में एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपितों के घर से ही बोरे में रखे मासूम के शव को बरामद किया। पुलिस ने 26 सितंबर को आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। कोर्ट में रही सुनवाई में मृतक मासूम के पिता, बड़े पिता, 21 प्रत्यक्षदर्शियों, विवेचक, जेवर खरीदने वाले दुकानदार व पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक की गवाही होनी है।



जेवर के लालच में हुई थी मासूम की हत्या

पुलिस की विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि आरोपितों ने मासूम के पहने हुए जेवरों को हड़पने की नीयत उसकी हत्या की थी। जिसके बाद उन्होंने सबूत मिटाने के लिए शव को बोरे में भरकर बाक्स में छिपा दिया था। वहीं पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार युवती ज्योति यादव ने बताया था कि मृतक मासूम के परिजन उसे अक्सर ताना दिया करते थे, जिससे बदले की भावना में उसने हत्या कर दी थी। वहीं पुलिस की छानबीन में मासूम के पहने सोने की लाॅकेट व चांदी के करधन की लालच में हत्या हुई थी, जिसे हत्यारोपितों ने ज्वेलरी की दुकानदार पर बिक्री की थी।
दुकानदार राजेश वर्मा ने बताया कि जेवर बेचने के लिए वह युवती हिजाब पहनकर अपने साथ एक छोटा बच्चा लेकर आई थी जो उसका भतीजा था। उसने अपनी बेबसी व जेवरों को अपना बताते हुए 1620 रुपये में बच्चे का गहना बेचा था।

-

दोबारा हुई विवेचना

घटना के विवेचक तत्कालीन थानाध्यक्ष मोहाना संतोष कुमार सिंह ने 27 नवंबर 2022 को मात्र हत्या एवं सबूत मिटाने के अपराध में चार्जशीट तैयार कर पर्यवेक्षण के लिए सीओ सदर के पास भेजा। जिस पर सीओ अखिलेश वर्मा ने केस डायरी व फर्द बरामदगी के जरिये जेवर की बरामदगी की जानकारी होने पर संयुक्त निदेशक अभियोजन से इस संबंध में अन्य धाराओं में आरोप पत्र लगाने के लिए विधिक सलाह मांगी। वहां से मिले सलाह के आधार पर 8 दिसम्बर 2022 को पुलिस अधीक्षक ने चार्जशीट निरस्त करते हुए दोबारा विवेचना का आदेश दिया। जिसके बाद विवेचक ने फिर से विवेचना के दौरान 13 दिसंबर को मृत मासूम के जेवर हड़पने व उसकी बरामदगी की धारा जोड़ते हुए न्यायालय में चार्जशीट और रिमांड प्रार्थना पत्र व रिमांड संशोधन प्रार्थना पत्र, पुलिस रिपोर्ट, संपूर्ण केस डायरी सहित प्रस्तुत किया। न्यायालय ने आधार पर्याप्त पाते हुए संशोधन की अनुमति दी और रिमांड स्वीकृत की। विवेचक ने 14 दिसम्बर 2022 को अंतिम रूप से हत्या, मृतक की संपत्ति हड़पने, बरामदगी और सबूत मिटाने के अपराध में अभियुक्तों के विरुद्ध आरोप पत्र तैयार करके पर्यवेक्षण के लिए सीओ सदर के पास प्रस्तुत किया और वहां से मिले आदेश के बाद न्यायालय में दाखिल किया।



न्यायालय में शुरू हुई न्यायिक कार्यवाही

सीजेएम श्रद्धा भारतीय ने 23 दिसंबर 2022 को मामले का संज्ञान लेते हुए उसे सत्र परीक्षणीय पाकर 7 जनवरी 2023 को सत्र न्यायालय को सुपुर्द करते हुए अभियुक्तों को 21 जनवरी 2023 को सत्र न्यायालय में हाजिर होने का आदेश दिया। जनपद एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने न्यायिक कार्यवाही शुरू करते हुए 29 मार्च 2023 को अभियुक्तों के विरुद्ध आरोप तय किया। उसके बाद साक्ष्य की कार्यवाही शुरू हुई है। मामले में अभी कोई गवाही नहीं हुई है।



पीड़ित परिजनों को न्याय की उम्मीद

मासूम के परिजनों को कोर्ट से जल्द न्याय की उम्मीद है, मृतक के पिता राजेश चौरसिया व बड़े पिता प्रताप नारायन चौरसिया का कहना है कि पुलिस की जांच से वह संतुष्ट है, अब उन्हें न्यायालय पर पूर्ण विश्वास है व न्याय की उम्मीद है।

-

जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अखिलेश नारायण श्रीवास्तव ने बताया कि पत्रावली में साक्ष्य की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। साक्षियों को समन जारी हो चुका है। अतिशीघ्र साक्ष्य की कार्यवाही कराने की कोशिश की जा रही है। मुल्जिमों को न्यायालय से जमानत नहीं मिली है, वे तारीख पेशी पर जिला कारागर से आते हैं।
विज्ञापन

-अखिलेश नारायण श्रीवास्तव, जिला शासकीय अधिवक्ता, फौजदारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें