भनवापुर। विकास खंड में ग्राम पंचायत सचिवों के तबादले के बाद 27 ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (सचिव) के पद एक माह से खाली पड़े हैं। इससे विकास कार्यों की रफ्तार थम गई है। साथ ही ग्रामीणों को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल और पेंशन संबंधी कार्यों के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, दो जून को तीन ग्राम पंचायत सचिवों का अन्य विकास खंडों में तबादला कर दिया गया था। भनवापुर ब्लॉक में कुल 18 क्लस्टर हैं, जहां पहले 14 ग्राम पंचायत विकास अधिकारी 111 ग्राम पंचायतों का कार्य देख रहे थे। इनमें से चार क्लस्टरों की 27 ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी संभाल रहे तीन सचिवों के स्थानांतरण के बाद अब केवल 11 सचिव ही पूरे ब्लॉक का कार्यभार संभाल रहे हैं।
सचिवों के पद रिक्त होने से प्रभावित ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक और विकास संबंधी कार्य लगभग ठप हो गए हैं।
परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने, पेंशन आवेदन, विभिन्न योजनाओं के सत्यापन और अन्य जरूरी कार्य लंबित हैं। वहीं, मनरेगा सहित विकास योजनाओं और गोशालाओं के संचालन पर भी असर पड़ा है। रमवापुर उर्फ नेबुआ, धनोहरी, मंगराव, पेडारी, मन्नीजोत, महनुआ, बेंवा मुस्तहकम, गोपिया, असनहरा माफी, मधुकरपुर चौबे, बढ़या, जुडवनियां, परसोहिया सदानंद, तरहर, देवरिया चमन, जहदा मुस्तकाम, लेडसर नानकर, मल्दा, वामदेई, मनिकौरा, करहिया सघन, अमौली एकडेगवां समेत 27 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण इस समस्या से प्रभावित हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी उन्हें कई दिनों तक ब्लॉक और पंचायत कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।