सिद्धार्थनगर। हाईवे बाईपास निर्माण होने से उसका कस्बा से होकर गुजरने वाली आठ किमी सड़क की मरम्मत में पेच फंस गया है। अब हाईवे और बाईपास के निर्माण का काम पूरा होने के बाद ही सड़क का पुर्ननिर्माण हो सकेगा, जिसमें करीब डेढ़ साल का समय लग सकता है।
ऐसे में लोगों को सड़क के गड्ढों से हिचकोले खाते हुए ही गुजरना होगा। वहीं पैच मरम्मत में भी लापरवाही से हाईवे को जोड़ने वाली यह सड़क बदहाल हो चुकी है।
महराजगंज जिले की सीमा उसका बाजार से शहर होते हुए शोहरतगढ़ तक हाईवे की 32 किमी सड़क का पांच सौ करोड़ रुपये लागत से निर्माण हो रहा है। इसमें महराजगंज की सीमा से आगे हाईवे का पुराना मार्ग जो करमा मोड़ के रास्ते उसका कस्बा होते हुए मदनपुर तक जाता है। यह आठ किमी तक छूट जाएगा।
बाईपास समेत 32 किमी सड़क का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ही एनएचएआई की ओर से इसका पुर्ननिर्माण कराया जाएगा। उधर, बाईपास समेत हाईवे के निर्माण कार्य में डेढ़ वर्ष तक समय लगना तय माना जा रहा है। ऐसे में लोगों को इस क्षतिग्रस्त सड़क से ही होकर फरेंदा, पीपीगंज, महराजगंज और गोरखपुर आदि जगहों पर आवागमन करना होगा। इस बीच में इस सड़क के पैच मरम्मत के निर्माण का जिम्मा एनएचएआई ने निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार काे दिया है, लेकिन पैचिंग के नाम पर लापरवाही की गई।