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Siddharthnagar News: सावन में लग गई आग, 40 के ऊपर पहुंचा तापमान

Sat, 22 Jul 2023 12:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण सावन के माह में आसमान से आग बरस रही है। शुक्रवार को तेज धूप में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि बंगाल की खाड़ी से नमी भरी पुरुआ हवा आ रही है। इस कारण गर्मी और उमस का मौसम बन गया है। मौसम के तीन से चार दिन तक ऐसे ही बने रहने के आसार हैं। ऐसे में लोग गर्मी और उमस से परेशान हैं और किसानों को उनके धान की नर्सरी की चिंता सता रही है।
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शहर में बृहस्पतिवार रात में बादल छाए, लेकिन बिन बरसे ही बादल उड़ गए। जिले में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 39.8 एवं न्यूनतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नमी का स्तर 83 प्रतिशत रहा। दोपहर में धूप इतनी तेज थी कि लोगों को मई महीना याद आने लगा। राज्य मौसम केंद्र के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि तीन दिन हवा की रफ्तार तेज हो जाएगी। बंगाल की खाड़ी से आने वाली पुरुवा हवा नेपाल की पहाड़ियों से टकराएगी तो बारिश की संभावना बढ़ जाएगी।

तेज धूप में महंगी हो गई धान की रोपाई
सिद्धार्थनगर। मानसून की मायूसी के कारण किसानों को फिर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा समय में किसान धान की रोपाई कर रहे हैं। इस बीच बारिश न होने से उन्हें धान की रोपाई के लिए पंपिंग सेट का सहारा लेना पड़ रहा है। जिससे किसानों को धन व समय दोनों नुकसान झेलना पड़ रहा है। पिछले कई सालों की अपेक्षा इस वर्ष सावन में सबसे कम बारिश हुई। इससे किसान परेशान हैं। ऐसे में धान की फसल में लागत बढ़ने के साथ ही उत्पादन प्रभावित होने की भी आशंका बढ़ती जा रही है।
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क्षेत्र में बड़े पैमाने पर किसान धान की खेती से जुड़े हुए हैं। खरीफ की फसल में धान का उत्पादन किसानों के लिए फायदेमंद होता है। इस बार धान की फसल किसानों के लिए मुश्किल बन गई है। दरअसल ये मुश्किल जुलाई में मानसून की बेरुखी से आई है। इस बार जुलाई में कम बारिश हुई है, जबकि बीते वर्षों में सावन में बारिश अधिक हुई है। धूप में रोपाई करने में अधिक मजदूरी देना पड़ रही है, क्योंकि रोपाई धान की फसल में अगर बारिश न हुई तो रोपाई से लेकर धान की बाली आने तक कम से कम पांच बार पानी चलाना पड़ेगा। एक बार में एक घंटा पानी चलाने में लगभग दो सौ रुपये का खर्च आता है। वहीं धान का उत्पादन सात से आठ हजार रुपये प्रति बीघा तक ही होता है। इसमें बीज, जोताई, मजदूरी, उर्वरक सब शामिल हैं। इस बार जुलाई में बीते वर्षों की अपेक्षा बारिश कम हुई है। अगर आगे अच्छी बारिश नहीं होती है तो धान के लिए परेशानी हो सकती है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार आगे बारिश होने की संभावना अभी बनी हुई है।
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अस्पतालों में बढ़ गए सीजनल बीमारियों के मरीज
सिद्धार्थनगर। भीषण गर्मी के कारण बीमार होने वाले लोगों की संख्या बढ़ गई है। वायरल बुखार, उल्टी-दस्त के मरीज बढ़ गए हैं, जबकि शुगर, ब्लड प्रेशर के मरीजों की समस्याएं बढ़ गईं हैं। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल काॅलेज के डॉ. संजय कुमार ने बताया कि ओपीडी में मरीजोंं की संख्या बढ़ गई है। सामान्य दिनों में 110-120 मरीज आ रहे थे, जबकि अब 155 से 160 मरीज आ रहे हैं। 20 प्रतिशत मरीज बढ़ गए हैं।

बिजली भी देने लगी दगा, रात की नींद भी हराम
सिद्धार्थनगर। गर्मी और उमस के बीच बिजली की कटौती ने लोगों की दुश्वारियां और बढ़ा दी हैं। शहर से गांव तक इतनी बिजली कटौती हो रही है कि लोग टहल कर रात बिता रहे हैं। दिन में पंखे, कूलर काम नहीं कर रहे हैं तो पेड़ों की छांव में राहत महसूस की।

बिजली विभाग के रजिस्टर के अनुसार शहर को 24 घंटे में से 23 घंटे 40 मिनट बिजली मिली है। जबकि हकीकत इसके उलट है। शहर के हायडिल तिराहे, सिविल लाइन, इंदिरा नगर में बृहस्पतिवार रात में तीन से चार बार बिजली कटी, लेकिन यह कटौती विभागीय रजिस्टर में दर्ज नहीं है। गर्मी एवं उमस ऐसी थी कि बिजली कटते ही लोगों की नींद टूटती रही। एक बिजली अधिकारी के अनुसार ओवरलोड के कारण बिजली कटने लगी है, जबकि कुछ स्थानों पर लोकल फॉल्ट भी नहीं हुआ।


इंदिरा नगर में रहने वाले पप्पू सिंह ने बताया कि रात में छह बार बिजली कटौती हुई, इस कारण नींद भी पूरी नहीं हुई। वन विभाग कॉलोनी के अखिलेश प्रताप ने बताया कि रात में 11:00 और 3:20 बजे बिजली कटी, जबकि सुबह 5:10 बजे ही बिजली कटौती हुई। इंदिरा नगर के अजय त्रिपाठी ने बताया कि बिजली कटौती के कारण वे रात में रेलवे स्टेशन पर गए ताकि पंखे के नीचे हवा में कुछ राहत मिल सके।

सिविल लाइंस केे विनय पांडेय ने बताया कि रात में तीन बार बिजली कटौती हुई। 15 से 20 मिनट बाद ही बिजली आ गई, लेकिन इससे नींद टूट गई और पूरी दिनचर्या प्रभावित हुई। शुक्रवार दोपहर तीन बजे के बाद शहर के आजादनगर में एक घंटे से अधिक समय तक बिजली नहीं थी। बिजली कटौती के कारण इन्वर्टर भी पूरी तरह उपयोगी नहीं हो पा रहे हैं। इस संबंध में बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता एसके पासवान ने बताया कि गर्मी बढ़ते ही बिजली की खपत बढ़ गई है, ओवरलोड के कारण बिजली की ट्रिपिंग हो रही है। लोकल फॉल्ट को तत्काल सुधारा जा रहा है।






सुबह 3:30 घंटे की गई कटौती
बिजली विभाग ने शुक्रवार सुबह 7 से 9 बजे तक ट्रांसमिशन लाइन में मरम्मत कार्य के लिए बिजली कटौती की सूचना थी, जबकि इसी दौरान बिजली अधिकारियों ने शहर के खंभे बदलने काम शुरू करवा दिया। इस कारण सुबह 10:30 बजे बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी। बिजली कटौती की सूचना से वंचित और कई घरों की पानी की टंकियां खाली हो गईं। कई लोगों को नहाने-धोने के लिए पड़ोसियों के वहां जाना पड़ा।
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