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Siddharthnagar News: बांसी में पीएचसी की आग से तो बच गए, लेकिन हर बार संयोग अच्छा हो... जरूरी नहीं

Tue, 11 Jul 2023 11:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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पीएचसी नौगढ़ के लेबर रूम वायरिंग के पास में हो रही सीलन। संवाद
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज सहित जिले की अन्य सीएचसी एवं पीएचसी में लापरवाही के कारण अग्नि से सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। बांसी पीएचसी में सोमवार को भीषण आग लगी थी। संयोग अच्छा था कि कोई जन हानि नहीं हुई। लेकिन हर बार ऐसा हो... यह जरूरी नहीं। बांसी में आग लगने का कारण शाॅर्ट सर्किट बताया जा रहा है, जबकि अन्य सरकारी अस्पतालों में 10 से 15 साल पुरानी वायरिंग के सहारे बिजली आपूर्ति दी जा रही है, जबकि पांच साल बाद वायरिंग दोबारा कराने का नियम है।
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स्वास्थ्य विभाग ने पिछले साल सीएमओ कार्यालय, सीएचसी बेवा डुमरियागंज, पीएचसी एवं अर्बन पीएचसी डुमरियागंज, सीएचसी शोहरतगढ़ एवं खेसरहा में वायरिंग कराई है, जबकि अन्य अस्पतालों में वायरिंग की आवश्यकता है। मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू में भी बारिश के पानी का रिसाव होता है, जिसमें शाॅर्ट सर्किट की आशंका बनी रहती है। वार्ड मेंं लगभग सभी बेड पर नवजात भर्ती हैं। इस वार्ड में सुविधाएं बेहतर करने के लिए एक साल पहले पत्राचार हुआ था लेकिन स्थिति जस की तस है।
पीएचसी नौगढ़ में जहां स्वास्थ्य कर्मी बैठते हैं, वहां सीलन है और वायरिंग उखड़ी नजर आ रही है। बल्ब लटक रहा है। लेबर रूम में सीलन के साथ वायरिंग के पास दीवार की परत उखड़ गई है। जहां प्रसव होते हैं, वहां शाॅर्ट सर्किट की आशंका है। इटवा के अस्पताल में भी भवन जर्जर हो गया है। रिसाव से दीवारों की दशा खराब हो गई है, सीलन से शाॅर्ट सर्किट की आशंका बनी रहती है, लेकिन मरम्मत कार्य प्रस्ताव तक ही सिमटा हुआ है। भवन का ध्वस्तीकरण करके नया अस्पताल बनाना है, जबकि उसी भवन में अस्पताल में संचालित हो रहा है। इसी प्रकार अन्य अस्पतालों में वायरिंग पांच साल से अधिक पुरानी हो गई है।
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आग लगने की जांच करेगी समिति
सिद्धार्थनगर। बांसी पीएचसी में आग लगने के मामले में जिलाधिकारी जांच समिति बना दी है। सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल ने बताया कि एसडीएम बांसी, अग्निशमन अधिकारी एवं बिजली अधिकारी की समिति जांच कर रही है। पीएचसी के दस्तावेज में वित्तीय रिकॉर्ड नहीं जले हैं।
पिछले साल सीएमओ कार्यालय एवं अन्य अस्पतालों की वायरिंग कराई गई थी, जबकि अन्य अस्पतालों की वायरिंग कराने का प्रस्ताव है। सभी अस्पतालों की नए सिरे से वायरिंग कराई जाएगी।
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- डॉ. बीके अग्रवाल, सीएमओ
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