सिद्धार्थनगर। चार वर्ष पहले हुई डकैती व हत्या के मामले में विशेष अपर सत्र न्यायाधीश डॉ.दीपक स्वरूप सक्सेना ने आठ आरोपियों को दोषी करार दिया है। उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अखिलेश कुमार श्रीवास्तव के अनुसार खेसरहा थाना क्षेत्र के बेलवा लमुनही गांव में 11 मार्च 2013 को गांव निवासी कलामुन्निशा के घर में डकैती हुई थी। विरोध पर पीड़िता के पिता जाम मोहम्मद को गोली मार दी। परिवार के अन्य सदस्यों को पीटकर जख्मी कर दिया था। ग्रामीणों की मदद से एक डकैत को पकड़ा गया था। उसकी पहचान संतकबीरनगर के थाना बखिरा निवासी दुर्गजोत अच्छन के रूप में हुई थी। पीड़िता की तहरीर संतकबीरनगर के दुर्गजोत निवासी फैयाज बंजारा, जाफर बंजारा, नान्हूं बंजारा, सुल्तान बंजारा और जिले के खेसरहा थाना क्षेत्र के देउरी निवासी रमजान बंजारा, अरजी निवासी हनीफ बंजारा, बेलवा लबुनही निवासी रूखसाना खातून के खिलाफ मामला पंजीकृत किया था। सुनवाई के दौरान आठ गवाह व अभिलेखीय साक्ष्य पेश किए गए।
सोमवार को विशेष अपर सत्र न्यायाधीश दीपक स्वरूप ने गवाहों व बयानों के मद्देनजर सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा उन पर 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की भी सजा सुनाई है। फयाज के खिलाफ अतिरिक्त आर्म्स एक्ट के तहत छह माह की सजा व तीन हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।