पथरा बाजार। रमवापुर गांव में बृहस्पतिवार की रात खिड़की तोड़कर घर में घुसे बदमाशों ने दो साल के मासूम के गले पर धारदार हथियार लगाकर लाखों की लूट हुई। घटना से क्षेत्र के लोगों में दहशत व्याप्त है। कुछ दिन पहले ही पास के विशुनपुरवा गांव में पोस्टर लगाकर डकैती की धमकी वायरल हुई थी। इस मामले में पुलिस ने शुक्रवार देर शाम को चोरी का मामला दर्ज किया है। जबकि पीड़िता ने लूट की बात कही। पुलिस की इस कार्रवाई पर लोग सवाल उठा रहे हैं।
रमवापुर में बृहस्पतिवार की रात दो बजे एक घर को लुटेरों ने निशाना बनाया है। गांव की रानी के अनुसार चोर घर के पीछे लगे खिड़की के पास का दरवाजा तोड़ दिया। वहीं पास में पीड़िता अपने दो साल बच्चे के साथ सो रही थी। घर में घुसे बदमाशों ने उसके बेटे के गले पर धारदार सरिया रखकर रानी को जगाया। दरवाजा खोलने के लिए कहा। उसने मना किया तो मासूम को जान से मारने की धमकी दी। इससे वह डर गई और घर का दरवाजा खोल दिया। दो लुटेरे घर में घुस गये और घर में रखा सारे जेवरात समेट लिए। उनके जाने के बाद पीड़िता ने शोर मचाया। आवाज सुनकर गांव के लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस को सूचना दी। घटना से वह सहमी थी। वहीं सूचना पर थानाध्यक्ष मीरा चौहान घटना स्थल पर पहुंच गई और जांच में जुट गई। इसके बाद शुक्रवार को रानी के ससुर राम सेवक के पुलिस को लूट की सूचना दी। रामसेवक के अनुसार घर में रखा एक सोने का चेन, मंगलसूत्र, अंगूठी झुमकी और चांदी का करधन पायल सहित अन्य आभूषण उठा ले गए। इस संबंध में थानाध्यक्ष पथरा मीरा चौहान ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ चोरी का मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। जांच की जा रही है। पीड़िता ने बताया कि पुलिस केस दर्ज करने में मनमानी कर रही है। घर में दो से अधिक बदमाश घुसे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि सुबह से ही पुलिस पीड़ितों को टहला रही थी। कई बार प्रार्थना पत्र बदला गया। अंत में लूट के मामले को चोरी में दर्ज करके पुलिस ने अपना काम कर लिया है।
-
इसी क्षेत्र में वायरल हुआ डकैती का पोस्टर
पथरा के विशुनपुरवा गांव के नाम से पोस्टर वायरल हुआ था। इसमें चुनिंदा घरों में लूट की वारदात करने की बात लिखी गई थी। 22 दिसंबर को वायरल हुए पोस्टर को लोग पहले हल्के में लिए। लेकिन बस्ती जनपद में पोस्टर के बाद बगल के गांव में लूट की घटना हुई तो लोग सही मानने लगे और गांव में पहरेदारी शुरू कर दी। विशुनपुरवा गांव से लगभग तीन किलोमीटर दूरी पर स्थित रमवापुर गांव में हुई लूट की घटना से क्षेत्र के लोगों में दहशत है।
-
धमकी देना ही लूट की श्रेणी का अपराध
किसी भी घटना में सामने वाले को धमकी देकर सामान छीना जाए या फिर ताला तोड़कर सामान लेकर जाया जाए तो यह लूट की श्रेणी का अपराध है। लूट में ही केस दर्ज किया जाना चाहिए। अगर चोरी का केस दर्ज किया गया है तो यह गलत है। अक्सर पुलिस यही करती है कि पीड़िता का बरगलाकर प्रार्थना पत्र बदलवा देती है और कमजोर धारा में केस दर्ज करती है। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। यह भी एक प्रकार का अपराध है।
संजय कुमार श्रीवास्तव, अधिवक्ता अपराध, जनपद न्यायालय सिद्धार्थनगर