सिद्धार्थनगर रोडवेज पर बस का इंतजार करते यात्री।
सिद्धार्थनगर। परिवहन निगम के उदासीनता के कारण प्राइवेट बसों का अनुबंध नहीं हो पा रहा है। जिसका खामियाजा यह है कि जिले के छोटे रूट पर बसों का संचालन नहीं हाे पा रहा है।
जिले में रोडवेज के बेड़े में 48 बसें शामिल हैं, इनमें से 12 बसें ही लोकल रूट पर चलती हैं। अन्य बसें दूसरे जिले या लंबी दूरी के लिए संंचालित होती हैं।
जिले के कई लोकल रूटों पर बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। इसमें सबसे अधिक परेशानी डुमरियागंज तहसील के यात्रियों को मुख्यालय आने में उठानी पड़ती है। क्षेत्र के बढ़नीचाफा, भडरिया से बांसी और सिद्धार्थनगर के लिए परिवहन निगम की कोई बस सेवा नही है।
यहां के हजारों लोगो को बांसी और जिला मुख्यालय जाने-आने के लिए अपनी मंजिल तय करने के लिए चार बार साधन बदलना पड़ता है। जिसमे समय और किराया दोनों अधिक व्यय होता है। यही हाल भनवापुर क्षेत्र के मननीजोत और सेमरा बनकसिया, भनवापुर, त्रिलोकपुर, सिकटा आदि रूट का है।
यहां पर भी परिवहन निगम की बसें संचालित नहीं हो रही हैं और न ही परिवहन निगम इन छोटे रूट पर बसों को अनुबंधित करने के लिए निजी बस संचालकों से संपर्क साध रहा है।
प्राइवेट बस मालिक अनुबंध कराने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे, कुछ को अनुबंधन कराने की प्रक्रिया की जानकारी नहीं है। इस खामियाजा क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है, उन्हें ऑटो और अन्य छोटे टैक्सी से अधिक किराया देकर सफर करना पड़ रहा है। ा