संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मौनी अमावस्या पर प्रयागराज महाकुंभ में स्नान के लिए श्रद्धालुओं को लेकर रोडवेज की 51 और बाहर से आई 109 बसें रवाना हो गई हैं। इसलिए लोकल रूट पर बस नहीं हैं, जिससे यात्रियों को जिले में आने-जाने में परेशानी हो रही है। वहीं निजी साधन वालों की चांदी रही। क्योंकि यात्रियों से मुंह मांगा किराया वसूल किया।
रोडवेज की बसों के लौटने तक यह हालात बने रहने की उम्मीद है। तब तक यात्रियों को शोषण का शिकार होना पड़ेगा। लोकल रूट पर यात्रियों को कितनी समस्या हुई और क्या हाल है।
इसकी जानकारी के लिए सिद्धार्थनगर डिपो के अलावा बढ़नी से इटवा, डुमरियागंज, तुलसीपुर, शोहरतगढ़, नौगढ़, बृजमनगंज, फरेंदा, गोरखपुर तक चलने वाले प्राइवेट वाहन निर्धारित से अधिक किराया वसूल कर यात्रियों की जेब पर डाका डाल रहे हैं।
शोहरतगढ़ तहसील के बढ़नी व शोहरतगढ़, चिल्हिया से परिवहन बसों में कमी के कारण यात्रियों के पास अपने गंतव्य तक पहुंचने का माध्यम प्राइवेट वाहन ही होते हैं। इसका लाभ प्राइवेट वाहन उठाते हैं।
अगर प्रदेश सरकार रोडवेज बसों में किराया कुछ ऊपर नीचे कर दे तो जो प्राइवेट बसों के संचालक मनमाने तरीके से किराया बढ़ा लेते हैं उन पर लगाम लग सकती है। बढ़नी से डुमरियागंज का रोडवेज बस का किराया 60 रुपये है, वहीं प्राइवेट बस प्रति यात्री से 80 रुपये वसूलते हैं। बढ़नी से शोहरतगढ़ प्राइवेट वाहन 50 रुपये, सरकारी बस किराया 32 रुपये है।
शोहरतगढ़ से सिद्धार्थनगर प्राइवेट वाहन 70 रुपये, सरकारी बस किराया 55 रुपये है। बढ़नी से गोरखपुर प्राइवेट बस से 200 रुपये, सरकारी से 170 रुपये है। इस मनमानी पर यदि कोई यात्री विरोध करता है तो पूरे प्राइवेट वाहन के चालक एक हो जाते हैं और मारपीट पर आमादा हो जाते हैं। कभी -कभी तो वाहन रोककर यात्रियों को अपमानित करके उतार भी देते हैं।
यात्रियों का कहना है कि प्रशासन इन प्राइवेट वाहनों की मनमानी से पूरी तरह वाकिफ है, पर वह कोई कदम नहीं उठा रहा है। वहीं, सिद्धार्थनगर रोडवेज स्टेशन पर बस न होने के कारण यात्रियों को ट्रेन और निजी साधन से यात्रा करना पड़ा। डुमरियागंज और इटवा व बांसी में भी रोडवेज की बस न होने के कारण यात्रियों को कठिनाई से गुजरना पड़ा।