घोसियारी। खेसरहा ब्लॉक के घोसियारी क्षेत्र में लोगों की जिला और मंडल मुख्यालय आने-जाने के लिए निजी वाहनों से मंहगा किराया देकर यात्रा करना मजबूरी बन गया है। बस्ती से आने वाली रोडवेज बस 10 वर्ष पूर्व बंद हो जाने से यात्रियों को सांसत झेलनी पड़ रही है। निजी वाहनों में ओवरलोड के कारण यात्रियों को हादसे का खतरा भी रहता है।
सिद्धार्थनगर से बांसी बेलौहा घोसियारी होते हुए बस्ती रोडवेज बस सेवा 12 वर्ष पहले शुरू हुई थी। जो वापस इसी रूट पर आती थी और बस्ती से निकलकर घोसियारी जाती थी। इससे इस क्षेत्र के 50 से अधिक गांव के लोगों की आवागमन में काफी सुविधा थी। यह रोडवेज बस दो वर्ष संचालित होकर बंद हो गई। इससे यहां के लोग जिला और मंडल मुख्यालय से कट गए। इससे यहां के लोगों को अब गंतव्य तक पहुंचने के लिए प्राइवेट टैक्सी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।
घोसियारी से बेलोहा तक 30 रूपये किराया है। जबकि दूरी 11 मात्र किमी है। घोसियारी से बांसी 50 रुपया किराया है, जब की दूरी सिर्फ 25 किलोमीटर है। छितही निवासी लालजी का कहना है कि जन प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी परिवहन संबंधी इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसलिए क्षेत्र के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
यात्रियों से प्राइवेट टैक्सी वाले मनमाना किराया वसूल रहे हैं। इससे लोगों को परेशानी झेलते हुए महंगा किराया देकर यात्रा करना मजबूरी है।
रामनेवास, निवासी रिउना
क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों की सुविधा के लिए परिवहन निगम को तुरंत बस चलवानी चाहिए। जिससे लोगों को यात्रा के दौरान सहूलियत मिले।
भरत सोनी, निवासी रिउना
इस रूट पर जो बस चलती थी, वह अनुबंधित थी। नई बसों का जल्द ही अनुबंध होगा। अनुबंध होते ही इस रूट पर बस चलवाने का प्रयास किया जाएगा।
आयुष भटनागर, एआरएम बस्ती