खेसरहा। ब्लाॅक क्षेत्र के केशवार गांव में जल निकासी का इंतजाम न होने से टूटी सड़क पर राहगीर जलभराव और कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर हैं। गांव के लोगों के कई बार फरियाद करने एवं प्रदर्शन के बाद भी इसका निर्माण नहीं हो सका। इससे यहां के लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
क्षेत्र के बेलौहा- घोसियारी मार्ग पर स्थित भलुहा गांव से निकल कर एक सड़क केशवार गांव के बीच से होते हुए संतकबीरनगर जिले को जोड़ती है। केशवार गांव में जल निकासी के लिए नाली निर्माण न होने से लोगों के घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़क पर करीब दो सौ मीटर में पसरा रहता है। इससे राहगीरों को कीचड़ और गंदे पानी से होकर आना-जाना पड़ता है, जबकि इस रास्ते से होकर संतकबीरनगर की सीमा पर बसे कई गांव के सैकड़ों लोगों का बेलौहा सहित अन्य स्थानों पर आवागमन होता है।
यह हाल कई माह से है, जिससे ग्रामीणों में संक्रामक बीमारी फैलने का भय बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार जिस जगह पानी रुका है, उसी रास्ते पर गांव का पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र व भगवान शिव का मंदिर है। बाइक व चार पहिया वाहन चालक किसी तरह इसको पार कर लेते हैं, लेकिन पैदल राहगीरों को बहुत परेशानी होती है। इनमें जो प्रतिदिन मंदिर व आंगनबाड़ी केंद्र पर आने जाने वाले बच्चों की बहुत सांसत होती है। गांव के लोगों ने कई बार ब्लॉक व तहसील में गुहार लगाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।