संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मानसून के साथ जिले में डूबने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले चार दिन में तीन अलग-अलग हादसों में छह लोग डूबकर काल के गाल में समा गए। बृहस्पतिवार को बानगंगा नदी में तीन दोस्तों की डूबने से मौत हो गई।
वहीं, शुक्रवार को एक किशोरी गड्ढे में भरे की भी डूबने से मौत हो गई। शनिवार को भालूकोनी गांव के पास कुआनो नदी में नहाने गए तीन किशोर में एक नदी की धारा में लापता है। पानी के उफान से लगातार हो रहे हादसे जानलेवा हो रहे हैं।
इस सीजन में डूबने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 20 अप्रैल को जोगिया थाना क्षेत्र में बूढ़ी राप्ती नदी में नहाने गए मेडिकल कॉलेज के छात्र सत्यम नायक और सचिन महावर की डूबने से मौत हो गई थी। दोनों अपने साथियों के साथ योगमाया मंदिर के पास नदी में उतरे थे लेकिन गहरे पानी का अंदाजा नहीं लगा सके।
बरसात में बढ़ा खतरा : बरसात के दौरान नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ता है। पानी का रंग मटमैला होने से गहराई का अनुमान नहीं लग पाता। कई जगह नदी का किनारा कट जाता है और नीचे गहरे गड्ढे बन जाते हैं। तेज बहाव, भंवर और दलदली तल व्यक्ति का संतुलन बिगाड़ देते हैं। एक बार पैर फिसलने के बाद कुछ ही सेकेंड में व्यक्ति गहरे पानी में पहुंच जाता है।