शोहरतगढ़। तहसील के कटया गांव में मंगलवार की रात अज्ञात कारणों से लगी आग में एक रिहायशी झोपड़ी जलकर राख हो गई। हालांकि आग की लपटे उठने के बाद मौजूद लोगों ने भाग कर अपनी जान तो बचा ली लेकिन झोपड़ी में रखा सारा सामान राख हो गया। कटया निवासी जगनारायण अपने परिवार के साथ झोपड़ी में ही रहते थे। हर दिन की तरह मंगलवार सभी लोग खाना खाकर सो गए।
कुछ समय में धुंए की घुटन से जगनारायण की नींद टूटी तो उन्होंने झोपड़ी को जलते देखा। आनन-फानन में उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों को जगाया और सभी को झोपड़ी के बाहर ले आए। इस बीच आग की लपट इतनी तेज हो गई कि पूरी झोपड़ी को आगोश में ले लिया और लोगों को भीतर रखा सामान निकालने का मौका नहीं मिल पाया। शोरगुल होने में आस पास के लोग भी जमा हो गए और मशक्कत के बाद आग बुझाने में कामयाब रहे। जब तक आग पर काबू पाया जाता तब तक झोपड़ी के भीतर मौजूद अनाज, बिस्तर, चारपाई, कपड़े व अन्य जरूरी सामान जलकर राख हो गए। पीड़ित जगनारायण ने बताया कि उनके पास रहने के लिए केवल यही एक आशियाना था जो अब तबाह हो चुका है। सारा समान जल गया और खाने तक को कुछ नहीं बचा है, ऐसे में जीवन का गुजार कैसे होगा। तहसीलदार अजय कुमार ने बताया कि घटना की सूचना के बाद नुकसान का आकलन करने के लिए हल्का लेखपाल को निर्देशित किया गया है। रिपोर्ट आने के बाद पीड़ित की पूरी मदद की जाएगी।