बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को बरतनी होगी विशेष सावधानी
सिद्धार्थनगर। जिले में लगातार हो रही बारिश से मौसम सुहाना जरूर हुआ है लेकिन इसके साथ ही संक्रमण और मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार बारिश में भीगने और लंबे समय तक गीले कपड़ों में रहने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है, जिससे वायरल संक्रमण, सर्दी-जुकाम और त्वचा संबंधी बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के अनुसार, इन दिनों ओपीडी में सर्दी, खांसी, बुखार, फंगल संक्रमण और एलर्जी से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। बारिश में भीगने के बाद यदि शरीर को तुरंत नहीं सुखाया जाए तो संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। गीले जूते और मोजे लंबे समय तक पहनने से पैरों में फंगल इंफेक्शन होने की आशंका रहती है।
फिजीशियन डॉ. गौरव दुबे ने सलाह दी है कि बारिश में भीगने के बाद तुरंत सूखे कपड़े पहनें, शरीर और बालों को अच्छी तरह सुखाएं और गुनगुने पानी का सेवन करें। घर और आसपास पानी जमा न होने दें, ताकि मच्छरों का प्रजनन न हो। यदि तेज बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में तकलीफ या त्वचा पर संक्रमण के लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए चिकित्सक से परामर्श लें।
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सावधानी ही बचाव
बारिश में भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदलें और शरीर सुखाएं।
गीले जूते-मोजे अधिक देर तक न पहनें।
उबला या स्वच्छ पानी और ताजा भोजन का ही सेवन करें।
बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों का विशेष ध्यान रखें।
तेज बुखार, लगातार खांसी या सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत अस्पताल जाएं।