वारदात के बाद मौके पर पुलिस अफसर
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सिद्धार्थनगर। अब पुलिस अधिकारी शपथ पत्र देकर चुनाव आयोग को बताएंगे कि उनका कोई नजदीकी रिश्तेदार चुनाव नहीं लड़ रहा है। इसके अलावा जिले के पुलिस अधिकारियों से कई बिंदू पर सफाई पेश करेंगे। ऐसे पुलिस अधिकारियों को चिह्नित किया जाएगा, जो चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। एसपी समेत एएसपी, सीओ से जिले में तैनाती के संबंध में पूछताछ किया है। खून की रिश्तेदारी के बाबत भी पूछताछ किया गया है।
निर्वाचन आयोग ने ऐसे पुलिस अधिकारियों की पड़ताल शुरू कर दी है, जो चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। आयोग सभी से शपथ पत्र ले रहा है कि कोई खून से संबंधित रिश्तेदार चुनाव नहीं लड़ रहा है। तैनाती के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है। अगर किसी की तैनाती के तीन वर्ष पूर्ण हो गए हैं तो जिले से स्थानांतरण क्यों नहीं किया गया, इस संबंध में भी लिखित जवाब मांगा है। चुनाव में गड़बड़ी न होने पाए इसे देखते हुए आयोग ने फरमान जारी किया है। निर्देश के अनुपालन में जिले के एसपी, एएसपी, पांच सीओ, आरआई, एलआईयू इंस्पेक्टर, एक महिला समेत 17 एसएचओ, विभिन्न प्रकोष्ठों में तैनात 4 इंस्पेक्टर, 2 एसओ से शपथ पत्र भरवाया जा रहा है।
इन सभी से लिखवाया जाएगा कि चुनाव में भाग्य आजमा रहे प्रत्याशियों में कोई खून के रिश्तेदारी में नहीं आता है। दरोगा व सिपाहियों को इस प्रक्रिया से दूर रखा गया है। इस संबंध में एएसपी अशोक कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग ने पुलिस अधिकारियों से शपथ पत्र मांगा है। इसमें बताया जाएगा कि जिले में कब से तैनाती है व कोई नजदीकी रिश्तेदार चुनाव नहीं लड़ रहा है। पुलिस अधिकारियों को शपथ पत्र भरकर जल्द भेजने का निर्देश दिया गया है।