सिद्धार्थनगर। लोटन कोतवाली क्षेत्र बरवां में निवासी रोहित की हत्या से गुस्साए परिजनों ने बृहस्पतिवार को शव का दाह संस्कार रोक दिया। उनका कहना था कि सरकारी जमीन में बने आरोपी परवेज के मकान पर जबतक बुलडोजर नहीं चलेगा, वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी व आर्थिक मदद की भी मांग की। उपजिलाधिकारी ललित कुमार के यथासंभव मदद के आश्वासन पर परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया।
लोटन कोतवाली क्षेत्र के बरवां गांव में हुई युवक के हत्या के मामले में पुलिस तब उलझ गई जब परिवार के लोगों ने तीन मांगें पूरी हुए बिना शव के अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया। वहीं, एक-एक करके नेताओं के पहुंचने के बाद मामला और गरमा गया। बुधवार शाम से ही विधायक श्यामधनी राही, राज्यसभा सांसद जयप्रकाश निषाद, सांसद जगदंबिका पाल की पत्नी स्नेहलता पाल, पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, चौरीचौरा के विधायक श्रवण निषाद रोहित के घर पहुंचे। उनके परिजनों से मिले और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इस मामले को लेकर बरवां गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था। दो दिन से सीओ सदर अखिलेश वर्मा, एसओ मोहाना जीवन त्रिपाठी, एसओ लोटन चंदन कुमार, कपिलवस्तु एसएचओ ज्ञानेंद्र राय सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है।
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छेड़खानी की हुई थी शिकायत
इस घटना के पीछे एक कारण और बन गया। बताया जा रहा है कि मृतक के परिवार की लड़की परसौना इंटर कॉलेज में पढ़ती है। वह 14 अगस्त को विद्यालय गई थी। इस दौरान हत्यारोपी परवेज छेड़खानी कर रहा था। लड़की की मां की तरफ से परवेज के खिलाफ तहरीर दी गई। पुलिस जांच में जुटी थी। हो सकता है कि परवेज बौखला कर इस घटना को अंजाम दे दिया हो। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में एसपी अभिषेक कुमार अग्रवाल ने दरोगा जितेंद्र शाही को लाइन हाजिर कर दिया है।