फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रिश्ते भी, रास्ते भी : नेपाल में तनाव...सीमावर्ती इलाकों में बढ़ी तपिश

Mon, 23 Mar 2026 01:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
नेपाल के तौलिहवा में जिला कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते हिन्दू समाज के लोग। स्रोत विज्ञ​प्ति
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। सरहद के उस पार उठी सांप्रदायिक आग की लपटें यहां तक भले न पहुंची हों, लेकिन उसकी तपिश सीमावर्ती गांवों में साफ महसूस की जा रही है। नेपाल के कपिलवस्तु में भड़की हिंसा ने आपसी संबंधों के बीच चिंता बढ़ा दी है।
विज्ञापन

जहां रोजमर्रा की सहज आवाजाही थी, वहां अब हर कदम सोच-समझकर रखा जा रहा है और हर फोन कॉल में हालचाल के साथ छिपी बेचैनी सुनाई दे रही है।
भारत-नेपाल की सरहदें भले नक्शे पर खिंची नजर आती हों, लेकिन जमीनी सच यह है कि सीमावर्ती इलाकों में रिश्ते, रोजी-रोटी और सामाजिक जीवन एक-दूसरे में गुंथे हैं। ऐसे में किसी एक ओर की हलचल दूसरी ओर भी बेचैनी पैदा कर देती है। चाहे वह बाजार हो, परिवार हो या मन का संतुलन, सभी इससे प्रभावित हुआ है।
ककरहवा, बढ़नी-कृष्णानगर जैसे सीमाई बाजारों में रोजमर्रा का कारोबार अभी जारी है पर वहां तनाव और दबाव साफ नजर आ रहा है। सब्जी, दूध, मीट और मजदूरी जैसे छोटे लेन-देन पर टिकी स्थानीय अर्थव्यवस्था सप्लाई पर निर्भर है।
विज्ञापन

बढ़नी बाजार के एक व्यापारी कहते हैं, अभी सब ठीक है, लेकिन माहौल बना हुआ है। सप्लाई दो-तीन दिन भी रुकी तो असर दिखेगा। दरअसल, यह सीमा केवल कागजों पर है। जमीनी हकीकत में दोनों तरफ के गांव एक ही सामाजिक ताने-बाने से जुड़े हैं। रिश्ते, रोजी-रोटी और आना-जाना सब साझा है। ऐसे में कपिलवस्तु से तनाव की खबर आते ही सबसे पहले फोन कॉल बढ़ गए।
बढ़नी, शोहरतगढ़, खुनवां और बर्डपुर क्षेत्र के गांवों में लोग लगातार अपने रिश्तेदारों का हाल ले रहे हैं। बर्डपुर के एक ग्रामीण बताते हैं, पहले दिन में एक बार बात होती थी, अब हर दो-तीन घंटे में संपर्क हो रहा है। नेपाल के महराजगंज क्षेत्र से जुड़े लोगों के अनुसार, हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन सामान्य नहीं।
शाम ढलते ही बाजार सिमटने लग रही है और लोग भीड़ से बच रहे हैं। पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। कई परिवारों ने अपने सदस्यों को सीमा पार जाने से रोक दिया है, खासकर वे जो रोज मजदूरी या छोटे व्यापार के लिए आते-जाते थे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें