सिद्धार्थनगर। गिरते भूजल स्तर को रोकने और वर्षा जल संचयन के लिए छतों, सार्वजनिक भवनों, कुंआ, तालाब आदि चिह्नित कर वर्षा जल संचयन की कार्ययोजना बनाकर कार्य कराया जाएगा।
ग्राम विकास और पंचायती राज विभाग की ओर से पांच निजी या सार्वजनिक भवनों के परिसर में रीचार्ज पिट का निर्माण किया जाएगा, जिससे भूगर्भ जल के गिरते स्तर को बचाया जा सके। इसके साथ तालाबों को भी पुनरुद्धार कराया जाएगा।
इसके साथ ही भूजल सप्ताह के तहत सात दिवसीय 16 से 22 जुलाई तक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प, थीम पर केंद्रित यह अभियान जिले के 1136 ग्राम पंचायतों और 11 नगर निकायों में संचालित होगा।
उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में वाटर रीचार्ज, तालाब-पोखरों के संरक्षण और वर्षा जल संचयन पर फोकस करते हुए अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
गिरते जलस्तर के चलते जिले में शुद्ध पेयजल के लिए हैंडपंप स्थापित करने को लोगों को डेढ़ सौ फीट से अधिक बोर कराना पड़ रहा है। कई ब्लॉकों में खेत की सिंचाई के लिए स्थापित निजी बोर सूख गए है, जिससे किसानों को संकट का सामना करना पड़ रहा है। शासन के अनुसार प्रदेश में 70 प्रतिशत सिंचाई भूजल संसाधनों पर निर्भर है। पेयजल सेक्टर की लगभग 80 फीसदी व औद्योगिक क्षेत्र की लगभग 85 फीसदी आवश्यकताओं की पूर्ति भी भूजल स्रोतों से ही की जाती है। भूजल पर अत्यधिक निर्भरता ने दोहन की स्थिति उत्पन्न कर दी है।