शिक्षा नीति लागू करने वाला यूपी पहला राज्य
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में रिफ्रेशर कोर्स कार्यक्रम में बोले डॉ. अश्विनी
कहा-नई शिक्षा नीति व्यावहारिक और उपयोगी
संवाद न्यूज एजेंसी
कपिलवस्तु। उत्तर प्रदेश पहला राज्य था, जिसने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने की सहमति प्रदान करते हुए उसे व्यवस्थित क्रियान्वित करने के लिए प्रयास प्रारंभ किया। प्रदेश को पांच क्षेत्रों में बांटकर 20 सदस्यीय टॉस्क फोर्स गठित कर नई शिक्षा नीति के विविध आयाम पर कार्य करना महत्वपूर्ण है। ये विचार क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी गोरखपुर-बस्ती मंडल डॉ. अश्वनी कुमार मिश्रा ने व्यक्त किए। वह बुधवार को सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विविध परिप्रेक्ष्य विषय पर आयोजित रिफ्रेशर कोर्स कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास तथा शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम पर प्रदेश शासन ने प्रारंभ में सर्वाधिक जोर दिया। कॉमन मिनिमम सेलेबस कमेटी ने बहुत ही त्वरित गति से पाठ्यक्रम निर्धारण का कार्य किया। ग्रामीण अंचल के छात्र-छात्राओं को विशेष रूप में ध्यान में रखते हुए ई-लर्निंग पार्क बनाने की योजना बनाई गई है। विश्वविद्यालयों, राजकीय महाविद्यालयों एवं अन्य मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय मान्यता विद्यालयों की स्थापना की वृहत्तर कार्य योजना बनाई है। प्रोफेशनल और वोकेशनल कोर्सेज पाठ्यक्रम में सम्मिलित कर किया जा रहा है। एमएन शासकीय महिला महाविद्यालय बादलपुर जीबी नगर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दिनेश चंद शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के वृहत्तर पक्ष है। बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा को शिक्षा के आपस में समन्वय के लिए टॉस्क फोर्स के माध्यम से प्रयास किया जा रहा है। लॉकडाउन के समय जहां पूरी दुनिया ठप सी पड़ गई थी, वहां उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग और शिक्षाविदों ने मिलकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के ड्रॉफ्ट को व्यावहारिक रूप में लागू करने के अनवरत प्रयास किए हैं। जमीनी स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के लिए पाठ्यक्रम समिति निर्धारण के माध्यम से उपयोगी और व्यावहारिक पाठ्यक्रम बनाने का प्रयास किया गया है। स्वागत कार्यक्रम समन्वयक प्रोफेसर हरीश शर्मा ने किया। आभार डॉ. अविनाश प्रताप सिंह ने जताया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर हुआ वेबिनार
बांसी। डायट में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर आयोजित तीन दिवसीय वेबिनार समापन बुधवार को हुआ। प्रथम सत्र में कार्यक्रम समन्वयक प्रवक्ता मनीष कुमार यादव ने सीखने के लिए सर्वोत्तम वातावरण व छात्रों को सहयोग विषय पर सारगर्भित व्याख्यान दिया। डॉ. दीपा अवस्थी ने उच्चतर शिक्षा विषय पर अपना व्याख्यान दिया। आपको संचालक सतीश कुमार धवन ने ई-मोमेंटो और ई-सर्टिफिकेट प्रदान करते हुए कार्यक्रम में जुड़ने के लिए धन्यवाद दिया। इसके बाद प्रवक्ता महेंद्र कुमार यादव ने अपना व्याख्यान दिया। सह समन्वयक डायट प्रवक्ता डॉ. प्रतिभा सिंह ने विषय प्रौढ़ शिक्षा और जीवन पर्यन्त सीखने पर विस्तृत चर्चा की। संचालक सतीश कुमार धवन प्रवक्ता डायट ने प्रौद्योगिकी का उपयोग एवं एकीकरण, ऑनलाइन और डिजिटल शिक्षा, प्रौद्योगिकी का न्याय सम्मत उपयोग सुनिश्चित करना तथा क्रियान्वयन की रणनीति विषयों पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान सह समन्वयक डॉ. प्रतिभा सिंह, उप शिक्षा निदेशक प्राचार्य उपेंद्र कुमार ने उद्बोधन एवं सत्र समापन की घोषणा की। संवाद