सिद्धार्थनगर। दो वर्ष से अटके एनएच 730 के किनारे वन संरक्षित क्षेत्र से पेड़ों को हटाने की प्रक्रिया में अब केंद्र सरकार से एनओसी मिल गई है। इससे सनई से शोहरतगढ़ तक 13 किमी दायरे में सड़क के दोनों तरफ के 1567 पेड़ हटाए जाएंगे। जिसके एवज में प्रशासन की तरफ से नौगढ़ तहसील के गोठवा में उपलब्ध कराए गए 12 हेक्टेयर भूमि पर आठ हजार पौध लगाए जाएंगे। एनओसी मिलने के साथ ही कार्यदायी संस्था ने चिल्हिया में भूमि तलाश कर प्लांट लगाने शुरू कर दिए हैं। विभाग की मानें तो अगले पांच दिन में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
एनएच 730 पर जिले की महराजगंज सीमा से शहर होते हुए शोहरतगढ़ तक 32 किमी सड़क निर्माण के लिए दो वर्ष पूर्व पांच सौ करोड़ रुपये की स्वीकृति हुई थी। जिसके तहत इस सड़क को सात मीटर की जगह 10 मीटर चौड़ी करने के साथ ही किनारे फुटपाथ व नाले का निर्माण होना है। इसके लिए किनारे के पेड़ों को हटाया जाना था। इसके तहत जिले की महराजगंज सीमा उसका बाजार से शहर तक गैर संरक्षित क्षेत्र होने के कारण वन विभाग से स्थानीय स्तर पर ही पेड़ हटाने की अनुमति मिल गई थी। जबकि सनई चौराहे से शोहरतगढ़ तक सड़क किनारे लगे पेड़ों के संरक्षित वन क्षेत्र में शामिल होने से इसे हटाने के लिए केंद्र सरकार से एनओसी लेना था। जिसके लिए वन विभाग के माध्यम से आवेदन किया गया था।
इसके लिए जरूरी 12 हेक्टेयर भूमि मिलने के बाद केंद्र सरकार की तरफ से एनओसी के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। सड़क के निर्माण में शुरूआती दो वर्ष तक सड़क किनारे संरक्षित वन क्षेत्र के पेड़ों को हटाने को एनओसी लेना आड़े आ रहा था। अब एनओसी मिलने से एनएच निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
शहर में भी सड़क किनारे हटाए जा रहे पेड़
बहुप्रतीक्षित एनएच-730 निर्माण के तहत उसका बाजार से सड़क किनारे के पेड़ हटाने की प्रक्रिया के तहत शहर में अशोक मार्ग किनारे के पेड़ भी हटाए जा रहे हैं। जिले की महराजगंज सीमा से उसका बाजार होते हुए सड़क किनारे के पेड़ हटाए जा रहे हैं। अब तक 10 किमी दायरे में सड़क किनारे के पेड़ हटाने के लिए काटे जा चुके है। वहीं स्टीमेट के अनुसार भुगतान मिलने पर बिजली निगम की निगरानी में सड़क किनारे स्थित पोल हटाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
चिल्हिया में लगाया जा रहा निर्माण प्लांट
कार्यदायी कंपनी ने प्लांट लगाने के लिए चिल्हिया चौराहे के पास एक निजी भूमि स्वामी से किराया पर भूमि
ली है। जहां पर प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, इसके बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही उसका बाजार के पास एनएच के आठ किमी लंबे बाईपास निर्माण के लिए चिन्हित भूमि ताल क्षेत्र हथिवड़ताल में स्थित होने के कारण अधिक मिट्टी पटाई की जरूरत है। इसलिए कंपनी की तरफ से यहां की मिट्टी की जांच कराने के लिए सैंपलिंग की गई है। -
शोहरतगढ़ बाईपास पर भी शुरू हुआ कार्य
यात्रियों को दूरी और जाम से छुटकारा दिलाने के लिए एनएच 730 पर शोहरतगढ़ में 80 करोड़ रुपये से बाइपास का निर्माण हो रहा है। गौहनिया चौराहे से मड़वा चौराहे तक बनने वाले 6.273 किमी लंबे बाईपास रोड के निर्माण के लिए मिट्टी डालनी शुरू हो चुकी है। इस बाईपास में दो रेलवे ओवरब्रिज बननी है। इसके निर्माण से क्षेत्र के परसिया, अगया, सन्तोरा, सन्तोरी, खरगवार, छतहरी, चौहहट्टा, नकथर, कोइरीडीहा, मड़वा गांव एनएच से जुड जाएंगे। इसके लिए भी चिल्हिया में ही प्लांट लगाया जा रहा है।
सड़क निर्माण से लगेंगे विकास को पंख
एनएच 730 का निर्माण कार्य पूर्ण होने से जिले में आवागमन की सुविधा दुरूस्त होने के साथ ही नेपाल सीमा तक विकास कार्यों को पंख लगेंगे। इस सड़क पर शहर से शोहरतगढ़ और बढ़नी होते हुए नेपाल सीमा तक लोगों को आवागमन की सुविधा मिल जाएगी। इससे व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही एनएच किनारे नए औद्योगिक प्रतिष्ठान बनेंगे एवं खुलेंगे। जिससे आसपास के लोगों को रोजगार मिलने के साथ ही उनकी आय में भी वृद्धि होगी।
एनएच निर्माण के लिए संरक्षित वन क्षेत्र से पेड़ हटाने के लिए केंद्र सरकार से एनओसी की सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है, जल्द ही सनई चौराहे से शोहरतगढ़ तक सड़क किनारे के पेड़ हटाए जाएंगे। जबकि उसका बाजार के पास से भी सड़क किनारे पेड़ों को हटाया जा रहा है। जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
आरके वर्मा, अधिशासी अभियंता एनएच