तुलियापुर। कठेला समय माता क्षेत्र के औरहवा ग्राम पंचायत के बड़ुइया टोला निवासी माया की बच्चों के साथ आत्महत्या के मामले में चौंका देने वाला मामाला सामने आया है। विवाद के बाद माया ने भाई अशोक चौहान को फोन करके घटना के बारे में जानकारी दी थी।
अशोक ने विवाद के बारे में बहनोई सचिन को भी बताया था। लेकिन, अशोक को जरा भी एहसास नहीं था कि बहन इतना बढ़ा कदम उठा लेगी। उसके मन में क्या चल रहा है, इससे वाकिफ नहीं था। अगर उससे एहसास होता तो पहुंच जाता है और समझाने से शायद इस घटना को रोका जा सकता था।
माया के मायके और ससुराल की दूरी बमुश्किल 10 किलोमीटर होगी, जहां पहुंचने में अधिकतम 15 मिनट का समय लगता। अब अशोक को भी जिंदगी भर यह बात टीसती रहेगी कि वह पहुंच गया हाेता तो शायद बहन और भांजे व भांजी की जान बच जाती। वहीं, लाश के पोस्टमार्टम होने के बाद शनिवार देर शाम गांव के पास घाट पर किया गया। आरोपी पति के चचेरे भाई ने चिता को आग दी। गांव से एक साथ तीन चिताएं जलीं तो लोगों के आंखें नम हो गईं। रविवार को दूसरे दिन भी गांव में मातम छाया रहा।
गांव में मातम, हर तरफ मौत की चर्चा : कठेला समय माता थानाक्षेत्र के औरहवा ग्राम पंचायत के बड़ुइया टोले में शुक्रवार को शाम माया (28) पत्नी सचिन अपने बेटे शिवांश (2) व बेटी मोनिका (6) को अपनी कमर में बांध कर बूढ़ी राप्ती नदी में कूद गई। उनकी लाश शनिवार को सुबह ग्रामीणों ने देखकर पुलिस को फोन कर जानकारी दी। घटना का कारण सास फूलमती और माया के बीच हुए मामूली सा विवाद था, जिससे नाराज होकर माया ने आत्मघाती कदम उठाया।