महिला हिंसा की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने व न्याय दिलाने के लिए विभाग ने नई कवायद की है। अब दुष्कर्म सहित 22 प्रकार के मामले जिले के अन्य थानेदारों के हाथ से हटाकर एचटीयू (ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) को सौंप दिया गया है। महिलाओं के अधिकांश मामने एचटीयू में दर्ज किए जाएंगे और वहीं के इंचार्ज मामले की विवेचना कर कार्रवाई करेंगे।
महिला हिंसा की घटनाओं पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। कभी मुकदमा दर्ज करने में हीलाहवाली तो कभी विवेचना में देरी के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में थक हारकर पीड़ित न्याय की आस छोड़ घर बैठ जाता है। ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अब एचटीयू को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिले में कहीं भी महिला हिंसा से संबंधित अपराध होने पर उसकी पड़ताल एचटीयू ही करेगी। पीड़ित को समय पर ही न्याय मिले इसे देखते हुए दुष्कर्म, मानव तस्करी व अपहरण सहित 22 मामले अब पुलिस लाइंस के एचटीयू थाने में दर्ज होगा और वहीं के इंचार्ज मामले में केस दर्ज कर विवेचना करेंगे। अगर अन्य थाने के थानेदार विषम परिस्थिति में मामले को दर्ज भी कर देते हैं तो विवेचना तत्काल एचटीयू को सौंप देंगे।
इस प्रकार के अपराध हैं शामिल
दुष्कर्म, दुष्कर्म का प्रयास, विवाह करने के उद्देश्य से किशोरी का अपहरण, देह व्यापार के लिए नाबालिग का क्रय-विक्रय, विदेशी लड़की को आयात करना, कोई मूल्यवान संपत्ति को नष्ट करने के लिए मजबूर करना, जान से मारने की धमकी देना, लज्जाभंग की नीयत से स्त्री पर हमला, अप्राकृतिक दुष्कर्म, मानहानी, कानून के विरुद्ध बच्चों से काम करवाना, किसी कार्य के लिए षडयंत्र रचना आदि शामिल हैं।