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राम मंदिर के शिलान्यास के मौके पर लोगों में बांटेंगे ‘रामकटोरी’

Sun, 02 Aug 2020 01:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संतोष श्रीवास्तव, सिद्धार्थनगर
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श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान राम कटोरी के नाम से मिठाई बनाने वाले बर्डपुर कस्बा निवासी विनोद मोदनवाल - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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बर्डपुर कस्बे का श्रीराम जन्मभूमि से सीधा कनेक्शन है। सन 1992 में उठे आस्था के ज्वार की इस कस्बे के विनोद मोदनवाल भी लहर बने थे। गिरफ्तारी में 21 दिन की जेल क्या हुई रामकटोरी नाम की विशिष्ट मिठाई बनाने का ख्याल आया।

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बाहर निकलते ही उन्होंने ख्याल को मूर्त रूप दिया। देखते ही देखते यह मिठाई लोगों की जुबान पर चढ़ गई। रामकटोरी ने देश की सरहद पार कर गल्फ कंट्रीज तक धूम मचा दी।

28 बरस बाद पांच अगस्त को प्रस्तावित श्रीराम मंदिर के शिलान्यास की खबर से रामकटोरी मिठाई बनाने वाले मोदनवाल काफी प्रसन्न हैं। उन्होंने शिलान्यास के दिन रामकटोरी मिठाई बर्डपुर कस्बे में मुफ्त में बांटने की घोषणा की है।
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अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण की तारीख तय होने के बाद एक बार फिर रामकटोरी चर्चा में है। वर्ष 1992 में राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान यह मिठाई पहली बार बनाई गई थी। क्षेत्र में यह मिठाई हिंदू और मुस्लिम दोनों ही समाज मेें काफी लोकप्रिय है। बर्डपुर निवासी और मिठाई विक्रेता विनोद मोदनवाल राममंदिर आंदोलन में बतौर कारसेवक जुड़े थे।

1992 में मंदिर आंदोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार कर बस्ती स्थित बेगम खैर इंटर कॉलेज में जेल भेज दिया गया। 21 दिन बाद वह छूटे। जेल में उन्हें नई मिठाई बनाने का विचार आया। जिसका आकार कटोरी की तरह था। विनोद ने इसका नाम रामकटोरी रख दिया। इसका वितरण उन्होंने अयोध्या जाने वालों के लिए मुफ्त किया था। धीरे-धीरे इसकी लोकप्रियता बढ़ी। अब मुस्लिम समाज के लोग भी सऊदी अरब, दुबई आने-जाने वाले परिवारीजन और मित्रों को भेंट के लिए रामकटोरी ले जाते हैं।

रामकटोरी से लगे राम का भोग, मोदी को भेंट की इच्छा
श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में बतौर कारसेवक शामिल विनोद मोदनवाल कहते हैं कि शिलान्यास की तिथि घोषित होने के बाद से उनका मन प्रफुल्लित है। खुशी का ठिकाना नहीं है। कारसेवा सफल हुई। रामकटोरी को भगवान राम के भोग और प्रधानमंत्री को भेंट की इच्छा है।

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