सड़क, रेल, पेयजल, पर्यटन और भवन निर्माण कार्य प्रभावित, समय पर पूरा होना चुनौती
सिद्धार्थनगर। तराई क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश अब जिले की विकास परियोजनाओं पर भी भारी पड़ने लगी है। करीब दो हजार करोड़ रुपये की लागत से चल रही सड़क, रेल, पर्यटन, पेयजल और अन्य आधारभूत ढांचे को बेहतर करने की परियोजनाओं की रफ्तार धीमी हो गई है। कई स्थानों पर मिट्टी भराई, कंक्रीट, डामर, खोदाई के साथ पाइपलाइन बिछाने का काम रोकना पड़ा है। निर्माण एजेंसियों का कहना है कि गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जा सकता, इसलिए मौसम अनुकूल होने का इंतजार किया जा रहा है।
जिले में जनवरी 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1,052 करोड़ रुपये की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया था। इसके अलावा पहले से संचालित सड़क, रेल, पर्यटन और पेयजल योजनाओं सहित करीब दो हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं विभिन्न चरणों में चल रही हैं। पिछले कई दिनों से हो रही बारिश ने इन परियोजनाओं की गति पर असर डाला है।
सबसे अधिक असर सड़क निर्माण परियोजनाओं पर पड़ा है। भारत-नेपाल सीमा सड़क परियोजना, नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के तहत सड़क चौड़ीकरण, ग्रामीण संपर्क मार्गों के निर्माण और 56 ग्रामीण सड़कों के सुदृढ़ीकरण का काम कई स्थानों पर धीमा हो गया है। मिट्टी पूरी तरह गीली होने से भराई का कार्य बंद है, जबकि डामर और कंक्रट के काम भी तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं हो पा रहे हैं।
जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पाइपलाइन बिछाने, ओवरहेड टैंक, पंप हाउस और जलाशयों के निर्माण पर भी बारिश का असर दिख रहा है। कई स्थानों पर खोदाई के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से काम रोकना पड़ा है।
पर्यटन क्षेत्र की महत्वाकांक्षी कपिलवस्तु बौद्ध पर्यटन विकास परियोजना भी प्रभावित हुई है। स्वदेश दर्शन योजना के तहत बौद्ध थीम पार्क, डॉरमेट्री, पर्यटक सुविधाएं और अन्य निर्माण कार्यों की गति धीमी पड़ गई है।
रेल परियोजनाओं में खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण, सर्वे और प्रारंभिक निर्माण कार्य भी बारिश के कारण प्रभावित बताए जा रहे हैं। वहीं कई सरकारी भवन, पंचायत भवन, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य सार्वजनिक निर्माण विभाग की परियोजनाओं की रफ्तार भी मंद पड़ गई है।
निर्माण एजेंसियों और विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बारिश थमने के बाद अतिरिक्त मशीनें और श्रमिक लगाकर कार्यों में तेजी लाई जाएगी। हालांकि यदि मानसून का असर लंबे समय तक बना रहा तो कई परियोजनाओं की समय-सीमा बढ़ सकती है।
इन परियोजनाओं पर सबसे ज्यादा असर
- खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन परियोजना
- कपिलवस्तु बौद्ध पर्यटन विकास परियोजना
- जल जीवन मिशन परियोजनाएं
- भारत-नेपाल सीमा सड़क परियोजना
- नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर सड़क चौड़ीकरण
- 56 ग्रामीण सड़क निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण परियोजनाएं
- मधवापुर आधुनिक मत्स्य मंडी निर्माण
- स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत भवन और अन्य सरकारी भवनों का निर्माण
इसलिए सुस्त पड़ गई रफ्तार
- लगातार बारिश से निर्माण स्थलों पर जलभराव
- मिट्टी भराई और खुदाई का काम प्रभावित
- कंक्रीटिंग और डामरीकरण के लिए मौसम अनुकूल नहीं
- भारी मशीनों और वाहनों की आवाजाही में परेशानी
- गुणवत्ता बनाए रखने के लिए एजेंसियों ने धीमी की गति
कोट
लगातार बारिश के कारण कुछ निर्माण गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। मौसम सामान्य होते ही अतिरिक्त संसाधनों के साथ कार्यों में तेजी लाई जाएगी। गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
- शिवशरणप्पा जीएन, डीएम सिद्धार्थनगर