बिस्कोहर के परसोहन गांव के सिवान में बारिश के बाद खेत में कार्य करता किसान। संवाद
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सिद्धार्थनगर जिले के फसल की सिंचाई की जरूरत पर हल्की बारिश होने से किसान खुश हो गए। इस बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया। हालांकि गली, मोहल्लों व खराब सड़कों के गड्ढों में पानी भरने से लोगों को परेशानी हुई।
शहर में बुधवार सुबह से बादल छाए रहे। सुबह करीब नौ बजे बारिश शुरू हुई तो गर्मी और उमस कम हो गई। दिन भर बादल छाए रहे और रुक रुककर बूंदाबांदी होती रही। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मध्य प्रदेश के ऊपर लो प्रेशर बनने के कारण बारिश हो रही है। यह लो प्रेशर उत्तर प्रदेश की ओर शिफ्ट हो रहा है। इस कारण तीन-चार दिन बारिश होने का पूर्वानुमान है। राज्य कृषि मौसम केंद्र लखनऊ के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि लो प्रेशर के प्रभाव से बारिश होने का पूर्वानुमान है। बुधवार सुबह 8 बजे तक 10 मिमी बारिश हुई।
भारत भारी प्रतिनिधि के अनुसार नगर पंचायत के मोतीगंज चौराहे से भारत भारी को जाने वाले मुख्य मार्ग के गड्ढे में जलभराव हो गया है। सड़कों पर बारिश का पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जबकि बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे पर खुशी नजर आई। बारिश बंद होते ही किसान खेतों की ओर चल पडे़।
इटवा प्रतिनिधि के अनुसार मंगलवार रात व बुधवार सुबह हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। किसानों का कहना है कि यदि इसी तरह बारिश होती रही तो फसल में लगी पूंजी निकल आएगी।
किसान करम हुसेन का कहना है कि यह पानी खरीफ की फसल के लिए अमृत के समान है। ओम प्रकाश चौधरी कहते हैं कि जिन किसानों ने दो एक बार पंपिंगसेट से पानी खेतों में भर रखा था, उन खेतों को धान आज देखने लायक है। राम उजागिर चौधरी कहते हैं कि पहली बार दूरदराज क्षेत्रों में एक साथ बारिश हुई है। यदि इतनी ही बारिश और हो जाय तो शायद धान की फसल में बाली आ जाएगी।