रैन बसेरा न होने के कारण मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों को होती थी दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों को अब ठहरने के लिए होटल और लॉज नहीं ढूंढना पड़ेगा। कारण यह कि मेडिकल कॉलेज के नये भवन के पास 50 बेड का रैन बसेरा बनाए जाने की कवायद शुरू हो गई है। इससे मरीजों के परिजनों को ठहरने में सहूलियत मिलेगी।
जिला अस्पताल के साथ ही गेट पर एक रैन बसेरा बना हुआ था। इसमें एंबुलेंस कर्मी रहते हैं। ठंड का सीजन बढ़ने के बाद मरीजों के परिजनों के टिकने के लिए अस्थायी रैन बसेरा बनाया जाता है। जिला अस्पताल के मेडिकल कॉलेज में तब्दील होने के बाद जहां बेड की संख्या बढ़ गई, वहीं, मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
मौजूदा समय में 300 से अधिक बेड हैं। इस पर मरीज भर्ती रहते हैं। इसमें एक मरीज के साथ कम से कम दो लोग रहते हैं। उन्हें रात में ठहरने के लिए परेशान होना पड़ता है। या तो गैलरी में लोग सोते हैं या फिर मरीज के बेड के पास। अगर यहां व्यवस्था नहीं बनी तो उन्हें होटल और लॉज में कमरा लेना पड़ता है। या फिर किसी परिचित के यहां शरण लेते हैं।
अब यह समस्या जल्द दूर हो जाएगी। तीन बेड के नए भवन के पास 50 बेड का रैन बसेरा बनाए जाने के लिए जमीन देख ली गई है। इस संबंध में शासन को लिखा-पढ़ी करके दे दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही रैन बसेरा बनाए जाने का कार्य शुरू हो जाएगा।
इस संबंध में प्राचार्य डॉ.. एके झा ने बताया कि 50 बेड का रैन बसेरा बनाया जाना है। इसके लिए स्थान चयन करके रिपोर्ट भेज दी गई है। जल्द ही इसके बनाए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।