। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार को जोगिया में संचालित आइसक्रीम फैक्ट्री पर छापा मारा।
सेहत से खिलवाड़ कर गंदगी के बीच आइसक्रीम तैयार की जा रही थी। फैक्ट्री संचालक मौके पर लाइसेंस भी प्रस्तुत नहीं कर सका।
दूध और अन्य सामान की खराब गुणवत्ता के संदेह पर टीम ने आइसक्रीम और आइस कैंडी के नमूने लेकर जांच को भेज दिया है। फैक्ट्री संचालक को इंप्रूवमेंट नोटिस जारी करते हुए 14 दिनों में सभी दस्तावेज और स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
जोगिया में दीपक आइसक्रीम फैक्ट्री संचालित है। इसी परिसर में आरओ प्लांट, तेल पेराई मशीन, आटा चक्की आदि भी स्थापित हैं। मानकों की अनदेखी कर आइसक्रीम तैयार करने की लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने अभिहित अधिकारी महेंद्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में शुक्रवार को दोपहर करीब दो बजे आइसक्रीम फैक्ट्री पर छापा मारा।
अचानक खाद्य सुरक्षा विभाग के पहुंचने से कई कर्मचारी मौके से फरार हो गए। टीम ने अंदर जाकर खाद्य और पेय पदार्थ के निर्माण कार्य का हाल देखा तो हैरान रह गई। तेल मशीन के ठीक बगल में आटा चक्की थी तो वहीं आइसक्रीम बनाने का काम भी चल रहा था।
आइसक्रीम में मिलाए जाने वाले पदार्थ जमीन पर बिखरे पड़े थे, जिसका इस्तेमाल किया जा रहा था। आरओ प्लांट के पास भी गंदगी के ढेर मिले। टीम ने अनियमितताओं पर फैक्ट्री संचालक को तलब किया, मगर वह उपस्थित होने से आनाकानी करता रहा। टीम करीब दो घंटे तक मौके पर इंतजार करती रही।
शाम चार बजे फैक्ट्री संचालक के परिजन उपस्थित हुए।
टीम ने उन्हें इंप्रूवमेंट नोटिस देते हुए 14 दिनों में लाइसेंस और जवाब दाखिल करने की हिदायत दी। टीम ने यहां से आइसक्रीम और आइसकैंडी के एक-एक नमूने भी सील किए। जांच टीम में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसके मिश्रा, दिनेश सिंह, इंद्र पाठक शामिल रहे।