लखीमपुर खीरी में टेरर फंडिंग के खुलासे के बाद सिद्धार्थनगर में बढ़ाई गई सतर्कता
आठ माह पूर्व बढनी बॉर्डर के एक बैंक खाते का खुफिया एजेंसी मांग चुकी है डिटेल
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सिद्धार्थनगर जिला हमेशा से संवेदनशील रहा है। लखीमपुर खीरी में टेरर फंडिंग का मामला सामने आने के बाद बॉर्डर के कई जिले के लोग निशाने पर हैं। इनमें सिद्धार्थनगर के भी लोग शामिल हैं। जानकार बताते हैं कि पीलीभीत से होते, बलरामपुर, श्रावस्ती, महराजगंज होते हुए सिद्धार्थनगर में भी टेरर फंडिंग करने वालों का नेटवर्क फैला हुआ है। यही वजह है कि बॉर्डर से लेकर मुख्यालय पर आठ-10 सालों में रईसों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। सूत्रों की मानें तो ये लोग भी खुफिया एजेंसियों के रडार पर हैं।
लखीमपुर खीरी में एटीएस को 30 ऐसे लोगों का पता चला है जो टेरर फंडिंग के जरिए देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। इनमें चार की गिरफ्तार भी हुई है। इनके पास से मिले मोबाइल फोन से काफी जानकारियां मिली हैं। इसके बाद से ही सिद्धार्थनगर जिला भी संदेह के घेरे में आ गया है क्योंकि आठ माह पूर्व भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बढ़नी के बैंक खाते में पाकिस्तान से रकम आने का पता चला है। इसी आधार पर विशेष खुफिया एजेंसी ने खाते का पूरा डिटेल मांगा था। इसकी अभी जांच भी चल रही है।
सूत्रों की मानें तो बॉर्डर पर ऐसे कई लोग हैं, जो टेरर फंडिंग से जुड़े हुए हैं। ऐसे लोगों के पास भारत और नेपाल की दोहरी नागरिकता है। जिले की बात करें तो 10 सालों में बॉर्डर से सटे अलीगढ़वा, ककरहवा, मोहाना, बढ़नी, तुलसियापुर, लोटन, ठोठरी में अचानक धनाढ्यों की संख्या बढ़ गई है। बॉर्डर क्षेत्र से लेकर मुख्यालय तक स्कूलों की संख्या भी बढ़ी है जिनमें उनके रुपये लगे हैं ताकि जांच हो तो स्कूल के बहाने वे बच सकें। एसपी विजय ढुल का कहना है कि बॉर्डर से सटे होने से सिद्धार्थनगर संवेदनशील है। यहां भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। टेरर फंडिंग से संबंधित मामलों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
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बॉर्डर के जिले हैं सॉफ्ट टारगेट
टेरर फंडिंग के लिए नेपाल से रकम लाने में सबसे ज्यादा बॉर्डर के जिले के लोग शामिल हैं। इन जिलों में सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बलरामपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी शामिल हैं। इसके अलावा बिहार के मधुबनी, सीतामढ़ी, पूर्णिया, किशनगंज, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, सुुपौल आदि में भी यह नेटवर्क फैला हुआ है। इतना ही नहीं, जांच में यह बात भी सामने आई है कि नेपाली बैंक के खातों में रुपये ट्रांसफर किए जा रहे हैं, जो भारतीय नोटों में बदलकर भारत आ रहे हैं।