जूते-मोजे व बैग की गुणवत्ता की होगी जांच
अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा ने दिए निर्देश
हर ब्लॉक के तीन स्कूलों की होगी रैंडम चेकिंग
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। जिलों में परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों में वितरित निशुल्क जूते-मोजे व बैग की जांच नए सिरे से होगी। यह निर्णय शासन ने जूते-मोजे व बैग के वितरण व गुणवत्ता की जांच के लिए लिया है। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार ने जिले के हर ब्लॉक के तीन स्कूलों में रेंडम जांच के निर्देश दिए हैं। इस फैसले के बाद से यह माना जा रहा है कि ठंड में होने वाले स्वेटर वितरण की गुणवत्ता बेहतर हो सके।
प्रदेश के कई जिलों में जूते-मोजे व बैग के वितरण में शासन स्तर पर शिकायत हुई थी। जिले में भी जूते-मोजे और बैग के वितरण पर सवाल उठाए गए थे। डीएम और बीएसए तक बात भी पहुंची थी। इस बीच अपर मुख्य सचिव ने जूते-मोजे व बैग की गुणवत्ता की जांच कराने का फैसला लिया है। इसके तहत मंडल स्तर पर मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) की अध्यक्षता में चार सदस्यीय उड़नदस्ता गठित करने के निर्देश दिए हैं। उड़नदस्ते को सात दिन में प्रत्येक जिले के हर विकास खंड में रेंडम जांच कर तीन प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को जांच करने को कहा गया है। गुणवत्ता निर्धारित मानक के विपरीत होने पर सैंपल के साथ रिपोर्ट डीएम को उपलब्ध कराने को कहा गया है। बता दें कि जिले के पौने दो लाख बच्चों को जूते-मोजे व बैग का वितरण किया गया है। डीएम दीपक मीणा ने बताया कि जांच के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
स्वेटर का होना है वितरण
इस बार शासन स्तर से स्वेटर का वितरण होना है। इससे पूर्व जूते-मोजे व बैग की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। शासन का इतना मकसद है कि स्वेटर की गुणवत्ता में कोई खामी न मिले और न ही पूर्व की भांति कोई शिकायत हो। इसके लिए शिक्षा विभाग ने निविदा भी निकाली है।