एक ही सड़क का 15 दिसंबर 2022 को आरईएस ने किया था अनुबंध, 26 दिसंबर को पीडब्ल्यूडी ने किया था टेंडर
मोहनपुर-बर्डपुर-अलीगढ़वा वाया सिसवा नहर पटरी मार्ग का मामला, शुरू हुई जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बर्डपुर ब्लॉक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में चयनित सड़क का आरईएस के अनुबंध के 11 दिन बाद पीडब्ल्यूडी ने टेंडर कर दो माह में ही 32 लाख रुपये निकाल लिए, जबकि आरईएस ने इससे पूर्व पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजकर संबंधित सड़क पर कार्य कराने के लिए एनओसी भी ली थी। बिना कार्य कराए भुगतान कराने की शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू हो गई है।
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईएस) के अधिशासी अभियंता ने पीडब्ल्यूडी के मोहनपुर से बर्डपुर अलीगढ़वा वाया सिसवा नहर पटरी मार्ग पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कार्य कराने का 20 दिसंबर 2021 को एनओसी ली थी। इसके बाद 21 अप्रैल 2022 को डीपीआर गठित कर आरईएस ने टेंडर के बाद सड़क का 15 दिसंबर 2022 को अनुबंध कर दिया। इसके ठीक 11 दिन बाद 26 दिसंबर 2022 को पीडब्ल्यूडी के तरफ से इसी सड़क का 48 लाख रुपये में निर्माण कार्य का टेंडर निकाला गया। इतना ही नहीं 20 फरवरी 2023 को निविदा खोला गया और अनुबंध कर 26 फरवरी को इस सड़क के लिए आवंटित धनराशि की पहली किस्त 14, 28, 600 रुपये में से 14, 28, 594 रुपये निकाल लिए गए। इसके बाद दूसरी सड़कों पर आवंटित 18 लाख रुपये से अधिक धनराशि का मद परिवर्तित कर इसी सड़क पर निर्माण कार्य कराने के नाम पर भुगतान कर लिया गया। भाजपा नेता रिंकू पाल की शिकायत पर उप सचिव उत्तर प्रदेश शासन राज कुमार ने प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष पीडब्ल्यूडी को मामले की जांच कर शासन को रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही मंडलायुक्त के निर्देश पर एडीएम ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।
आरईएस ने बनाई सड़क, पीडब्ल्यूडी ने लिया भुगतान
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से 8.7 किमी लंबी इस सिसवा नहर पटरी मार्ग सड़क का निर्माण एफडीआर तकनीकी से होना है। जिस पर ठेकेदार ने ट्रायल पैच का कार्य भी कराया है। शिकायतकर्ता रिंकू पाल का आरोप है कि इसी कार्य को अपना बताते हुए पीडब्ल्यूडी ने भुगतान कराया। उनका यह भी आरोप है कि तत्कालीन पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता 28 फरवरी 2022 को सेवानिवृत्त हो रहे थे, इसलिए इससे पूर्व 26 फरवरी को ही फर्जी भुगतान हो गया। मामले में ठेकेदार समेत जेई, एई और अधिशासी अभियंता को भी इस अनियमितता में शामिल होने का आरोप लगाया है।
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इन सड़कों का निकाला पैसा, कैसे होगा निर्माण
पीडब्ल्यूडी ने जिले की दूसरी सड़कों की धनराशि का मद परिवर्तित कर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की इसी सड़क पर भुगतान कर दिया। इसमें एफएनबीएस से विनैका संपर्क मार्ग की धनराशि 11.32 लाख, महादेवा से पटनी जंल मार्ग का 5.26 लाख और बनगवां संपर्क मार्ग का 1.82 लाख रुपये इसी सड़क पर भुगतान कर दिया गया है। क्षेत्र के सच्चिदानंद, उमेश व शफीक का कहना है कि जिन दूसरी सड़कों का भी पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है, अब उनका निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होगा, जिससे इन अधूरी सड़कों के चलते क्षेत्र के लोगों को सांसत झेलनी पड़ेगी।
सूचना के बाद भी नहीं माना विभाग
आरईएस के अधिशासी अभियंता ने पीडब्ल्यूडी को बार-बार पत्र भेजकर सूचित किया, लेकिन पीडब्ल्यूडी द्वारा इसकी अनदेखी कर दूसरे के कराए कार्य पर फर्जी भुगतान के लिए सड़क की लीपापोती की गई। इसकी जानकारी ठेकेदार ने विभाग को देते हुए डीएम से भी 31 मई को की थी। जिसके बाद आरईएस के अधिशासी अभियंता ने पीडब्ल्यूडी को इस पर कोई भी कार्य कराने से मना किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में चयनित सड़क को अन्य योजनाओं में न तो शामिल किया जा सकता है और न ही इस पर कार्य कराया जा सकता है।
सड़क निर्माण कार्य में अनियमितता मामले की जांच चल रही है, इसके टेक्निकल व विभागीय समेत सभी पहलुओं की जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जांच में दोषी पाए गए अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
डॉ. ललित कुमार मिश्र, जांच अधिकारी एवं एसडीएम नौगढ़