फोटोछठ पूजा होते ही बढ़ी यात्रियों की भीड़
-ट्रेन में लखनऊ से बढ़ गई यात्रियों की संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। दीपावली और छठ पूजा बीतते ही रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन पर लोगों को घंटों इंतजार के बावजूद सुखद यात्रा की सुविधा नहीं मिली। ट्रेनों में तो सीट मिलनी मुश्किल थीं, जबकि बसों में भी खड़े होकर सफर करना मजबूरी बन गई।
छठ पूजा का अर्घ्य देने के दो घंटे बाद ही यात्रियों की संख्या बढ़ गई। जब लोगों को ट्रेनों और रोडवेज बसों में जगह नहीं मिली तो उन्होंने निजी वाहनों में अधिक किराया देने का विकल्प चुना। सुबह से शाम तक यात्रियों को परिवहन सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ा।
कुछ लोगों को ऑटो रिक्शा बुक करना पड़ा तो किराया भी अधिक देना पड़ा। परिवहन निगम के एआरएम कैलाश राम ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए बसों के फेरे बढ़ाए गए हैं। यात्री उपलब्ध होने पर आने वाली बसों को तुरंत रवाना किया जा रहा है।
त्योहार बिताकर आए, फिर भी भीड़
रेलवे स्टेशन पर सोमवार दोपहर एक बजे पहुंची अंत्योदय एक्सप्रेस से उतरे लोटन के मरवटिया निवासी सुजीत और रवींद्र ने राहत की सांस ली। बात करते ही उन्होंने कहा कि बहुत सांसत सहकर आया हूं। दीपावली और छठ पूजा में टिकट नहीं मिला तो उन्होंने त्योहार के बाद आने की योजना बनाई, लेकिन कानपुर और लखनऊ पहुंचते ही यात्रियों की संख्या बढ़ गई। उसके बाद बैठने वाले लोगों को कष्ट सहना पड़ा। कोच में महिलाएं और बच्चे भी खड़े होकर यात्रा कर रहे हैं।
...बस नहीं मिली तो ट्रेन से गए आनंदनगर
नेपाल के बुटवल में रिश्तेदारी में छठ पूजा में शामिल होने आए रोशन व शैला ने बताया कि बस नहीं मिली तो उन्हें निजी वाहन ने बर्डपुर, लोटन हाेते हुए कोल्हुई तक जाना था। इसमें किराया अधिक लगता, इसलिए अंत्योदय एक्सप्रेस से आनंदनगर जाएंगे, वहां सोनौली रूट होते हुए जाएंगे।
बस आते ही गेट पर लग गई लाइन
बस स्टेशन पर दोपहर 1:30 बजे विभिन्न स्थानों पर जाने के लिए यात्री इंतजार कर रहे थे। उसी अयोध्या के लिए बस आई तो उसमें बस्ती के यात्रियों को नहीं बैठाया गया। गेट पर लंबी लाइन लग गई और कुछ देर में ही सभी सीटें फुल हो गईं। इस बस में सात लोग खड़े होकर गए, जबकि बस्ती के राम पटेल और बांसी के लाला को बस्ती जाना था, लेकिन वे बांसी तक जाने वाली बस में सवार होकर गए। उन्होंने बताया कि बांसी से बस्ती की यात्रा दूसरे वाहन से करेंगे, मजबूरी में बस जाने वाले बस में बैठ गए।