ट्रेनों के फुल होने के बाद रोडवेज की बसें ही सहारा होती हैं। लेकिन, दिल्ली सरकार ने दिवाली के बाद दिल्ली को प्रदूषण से बचाने के लिए बीएस-4 बसों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगा दी है। ये रोक 12 से 20 नवंबर तक जारी रहेगी। बीएस-6 की बसें ही जा सकेंगी। ऐसे में यात्रियों को दिल्ली पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। दिल्ली के लिए शहर से एक, डुमरियागंज से दो एवं बांसी से एक बस दिल्ली रूट पर चलती हैं। इनमें एक बस ही बीएस-6 की है।
रोडवेज से मिली जानकारी के अनुसार, सिद्धार्थनगर डिपो के पास बीएस-6 श्रेणी की एक बस ही दिल्ली जाती है। वर्तमान में सिद्धार्थनगर डिपो में सात बीएस-6 बसें हैं। इसमें एक बस दिल्ली रूट पर चलाई जाती है। सिद्धार्थनगर डिपो में कुल 39 बसें संचालित हैं।
बसों में अधिक किराया देकर कर रहे हैं बुकिंग
जिले में पांच लाख से अधिक लोग प्रवासी श्रमिक हैं। त्योहार के सीजन में घर आने वालों को ट्रेन में टिकट नहीं मिलने पर वे बसों में बुकिंग करा रहे हैं। डुमरियागंज प्रतिनिधि के अनुसार, डुमरियागंज के इटवा-डुमरियागंज से दो बसें दिल्ली जाती हैं। मुंबई के लिए एक एसी सहित पांच बसें संचालित हो रही हैं। ट्रेवेल्स एजेंसी संचालित करने वाले साहब आलम ने बताया कि दीपावली व छठपूजा के अवसर मुंबई दिल्ली से आने वाली और त्योहार में जाने वाली बसों में बुकिंग हो रही है। एक ओर से बस में सीटें खाली रह जाती हैं। इस कारण किराया अधिक हो जाता है।
बीएस-6 श्रेणी की गाड़ियों से निकलने वाले धुएं में सल्फर की मात्रा 10 पीपीएम (कण प्रति 10 लाख) होती है, जबकि बीएस-4 के धुएं में सल्फर की मात्रा 50 पीपीएम है। इसके अलावा बीएस-6 डीजल वाहनों में नाइट्रोजन ऑक्साइड की मात्रा 70 प्रतिशत तक कम हो जाएगी। पेट्रोल वाहनों में 25 प्रतिशत की कमी आएगी।
मांग बढ़ती है तो बढ़ा देते हैं किराया
शहर के रफीक मोहम्मद ने बताया कि मांग बढ़ते ही बसों में किराया बढ़ा दिया जाता है। फिलहाल, दिल्ली के लिए अलग-अलग श्रेणी के लिए ट्रेन कोच में 370 से 1370 रुपये और मुंबई के लिए 670 से 2600 रुपये तक टिकट है। ये टिकट नहीं मिलने पर लोग बसों में बुकिंग करा रहे हैं। दिल्ली से डुमरियागंज के लिए साधारण बस में किराया 1200 रुपये है। त्योहार में 1500 से 2000 रुपये देकर यात्रा करने के लिए लोग तैयार हो रहे हैं। शहर के राजेश कुमार ने बताया कि सबसे अधिक मारामारी मुंबई के लिए है। मुंबई के लिए 1500 रुपये बस का किराया था, लेकिन 2000 से 2500 रुपये तक साधारण बसों में किराया देना पड़ रहा है, जबकि एसी बसों में किराया 3000 रुपये से अधिक देना पड़ रहा है।
ट्रेनों में है लंबी वेटिंग, प्राइवेट बस से खरीदारी के लिए करेंगे सफर
दीपावली का त्योहार अब 10 दिन रह गया है लेकिन अभी से ही दिल्ली मुंबई और गुजरात की ट्रेनों में लंबी वेटिंग है। इसके चलते हमको दिल्ली जाकर त्योहार के लिए सामानों की खरीदारी करनी है। मजबूरन हमें प्राइवेट बस से दिल्ली जाना पड़ेगा। इसमें समय और पैसे भी अधिक लगेंगे। सरकार को त्योहारों को लेकर ट्रेनों का फेरा बढ़ा देना चाहिए। ताकि लोगों को आवागमन में आसानी हो। -लोमेश पांडे, ग्राम रमवापुर नेबुआ
दीपावली के बाद अपने परिवार को लेकर मुंबई जाना था लेकिन अभी तक ट्रेनों की वेटिंग लिस्ट कम न होने से उम्मीद नहीं है कि त्योहार से पहले उनका टिकट कंफर्म हो पाए । इस कारण प्राइवेट से बस से यात्रा करनी होगी, जिसमें ट्रेन की अपेक्षा दोगुना किराया देना होगा।-पवन यादव, डुमरियागंज