विनियमित क्षेत्र नौगढ़ के विस्तार एवं महायोजना-2031 के लिए होना है सर्वे
छह माह पूर्व डीएम की अध्यक्षता में सर्वे कंपनी को आवंटित हुई थी धनराशि
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। विनियमित क्षेत्र नौगढ़ (नगर पालिका सिद्धार्थनगर) के नियोजित विकास के लिए तैयार हुई महायोजना-2021 दो वर्ष पहले समाप्त चुकी है। नई महायोजना-2031 के लिए विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण की ओर से चयनित की गई सर्वे कंपनी को निर्धारित धनराशि की पहली किस्त आवंटित कर दी गई।
इसके छह माह बाद भी कंपनी ने सर्वे नहीं शुरू किया। इससे पहले से ही देर से शुरू हुई महायोजना बनाने की प्रक्रिया में और भी देरी हो रही है। इसका नतीजा है कि बीते तीन वर्ष में विनियमित क्षेत्र में तेजी से अनियोजित तरीके से निर्माण जारी है।
तत्कालीन बस्ती जनपद के नौगढ़ तहसील मुख्यालय एवं आसपास 34 राजस्व ग्रामों को शामिल करते हुए 15 नवंबर 1978 को विनियमित क्षेत्र नौगढ़ बनाने की अधिसूचना जारी की गई थी। इसके बाद जुलाई 2003 को इनमें आसपास के छह गांव और जोड़ दिए गए। विनियमित क्षेत्र में शामिल इन 40 गांवों के सुनियोजित एवं समग्र विकास के लिए महायोजना 2021 बनाई गई थी। इसमें शामिल क्षेत्र की भूमि की उपयोगिता निर्धारित की गई थी।
महायोजना-2031 बनाने के लिए इसमें पूर्व में शामिल क्षेत्र और विस्तार के बाद शामिल होने वाले क्षेत्र का सर्वे होना है। छह माह पूर्व तत्कालीन डीएम संजीव रंजन की अध्यक्षता में कमेटी ने सर्वे कंपनी रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर को निर्धारित धनराशि 13 लाख रुपये में से पहली किस्त जारी कर दी है। इसके बाद भी कंपनी की तरफ से अभी तक यहां सर्वे कार्य शुरू नहीं किया गया।
कंपनी के एक्सपर्ट वीरेंद्र मौर्या का कहना है कि अभी सर्वे के लिए कार्यालय संबंधी कार्य निपटाए जा रहे हैं। इसके बाद मौके पर सर्वे शुरू होगा। जबकि टाउन प्लानर कर्मी रामेश्वर गौर का कहना है कि सर्वे के लिए नगर पालिका की तरफ से शामिल क्षेत्र के जरूरी अभिलेख मांगे गए थे, जो उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसके मिलने के बाद सर्वे शुरू हो सकेगा।
विनियमित क्षेत्र की महायोजना में तय होता है लैंड यूज
विनियमित क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए बनने वाली महायोजना में संपूर्ण भूमि को शामिल करते हुए भू-उपयोग सुनिश्चित किया जाता है। इसके तहत पहले संबंधित क्षेत्र की संपूर्ण आराजी शामिल करते हुए बेस मैप बनाया जाएगा। इसमें संपूर्ण भू-भाग में सड़क, जलनिकासी नाला, ग्रीन बेल्ट, पार्क, औद्योगिक एवं व्यावसायिक और सरकारी कार्यालय समेत विभिन्न उपयोग के लिए अलग-अलग भूमि चिह्नित कर दी जाती है। महायोजना तैयार होने के बाद स्थानीय प्रशासन एवं नगर निकाय की इस रोडमैप के आधार पर ही नगर में विकास कार्य कराने की जिम्मेदारी होती है।
पहले से ही हो रहा अनियोजित विकास
भले ही विनियमित क्षेत्र नौगढ़ की महायोजना-2021 बनी थी, लेकिन इसमें चिह्नित ग्रीन बेल्ट, पार्क अथवा अन्य कार्य के लिए चिह्नित भूमि पर अनियोजित विकास कार्य जारी है। महायोजना में इंदिरानगर में करबला के पास और बेलसड़ मोहल्ले में प्रस्तावित पार्क की भूमि में मकान खड़े हो गए हैं। इसी तरह बर्डपुर मार्ग पर प्रस्तावित बस अड्डा और विद्युत उपकेंद्र के लिए चिह्नित भूमि पर मकान बन गए हैं। साथ ही बांसी मार्ग पर प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर और विभिन्न महत्वपूर्ण सड़कों के स्थान पर मकान खड़े हो गए हैं।
नई कॉलोनियों से महायोजना बनाने में दिक्कत
विनियमित क्षेत्र नौगढ़ में सिंहेश्वरी मंदिर के आसपास, बसडिलिया, भीमापार, पकड़ी, मधुकरपुर, सनई, थरौली व जगदीशपुर समेत विभिन्न स्थानों पर तेजी से नई कॉलोनियां बन गई हैं। जबकि महायोजना-2021 में इन स्थानों पर अलग-अलग कार्य होने प्रस्तावित थे। महायोजना समाप्त होने के बाद इन कॉलोनियों का और तेजी से विस्तार हो रहा है। इससे नई महायोजना बनाने में दिक्कत होगी। इससे पहले से ही अनियोजित तरीके से बस रहे कॉलोनियों की भूमि सड़क, पार्क अथवा ग्रीन बेल्ट समेत दूसरी योजनाओं के लिए प्रस्तावित नहीं किए जा सकेंगे।
विनियमित क्षेत्र का होना है विस्तार
विनियमित क्षेत्र नौगढ़ में अभी तक राजस्व ग्राम पोखरभिटवा, दतरंगवा, बर्डपुर नंबर 14, पटनी जंगल, धौरीकुइयां, रोआपार, थरौली, बेलसड़, जगदीशपुर, तेतरी बाजार, मुड़िला, बसडिलिया, डुमरिया, मधुकरपुर, सनई लंगड़ी, सनई खुर्द, भरसड़वा, परसा शाह आलम, खजुरिया, महदेवा लाला, रेहरा, सेमरनार, भीमापार, पिठनीखुर्द, बड़गो, केसारी, बसौना, महनाग, साड़ी, घरवासपुर, केसर, पिपरसन, पिठनी बुजुर्ग, सिसहनिया, सकतपुर, सोनवल, पिपरा पांडेय, विनयका, बभनी खुर्द और परसा महापात्र शामिल हैं। नगर पालिका विस्तार के बाद अब इस बार विनियमित क्षेत्र का भी विस्तार होना है।
शहर में बुनियादी सुविधाओं का अभाव
शहर में ग्रीन बेल्ट का अभाव है। इस कारण गर्मी के मौसम में कृषि विज्ञान केंद्र सोहना की अपेक्षा शहर का तापमान करीब दो डिग्री अधिक था।
जल निकासी की सुविधाएं बेहतर नहीं होने के कारण स्वच्छता में कमी है। बरसात के बाद मच्छरजनित बीमारियां फैल रही हैं।
रिंग रोड नहीं होने के कारण शहर की यातायात व्यवस्था चौपट हो रही है। नो इंट्री टाइम में भी शहर में भारी वाहन प्रवेश करते हैं।
वाहन पार्किंग स्थल नहीं होने के कारण त्योहारों में शहर में लगता है जाम।
शहरी आबादी के अनुसार नहीं है पार्क।
महायोजना के अंतर्गत विकास के लिए भी भूमि चिह्नित होनी है।
कोट
विनियमित क्षेत्र नौगढ़ की महायोजना के सर्वे कार्य के लिए चयनित कंपनी को सर्वे कार्य शुरू कराने के संबंध में निर्देशित किया गया है। इसमें तेजी लाकर कार्य पूर्ण करने के लिए कहा जाएगा।
-डॉ. ललित कुमार मिश्र, एसडीएम नौगढ़ एवं सचिव विनियमित क्षेत्र