सिद्धार्थनगर। बांसी रोडवेज स्टैंड के बाहर प्राइवेट वहन खड़े रहते हैं जिससे सरकारी बसों को सवारियां नहीं मिल पाती हैं। बस स्टैंड गेट के सामने ही बड़ी संख्या में निजी बसें संचालित हो रही है। कई प्राइवेट ट्रेवल्स की बस गेट पर खड़ी होती हैं और रोडवेज के पहले सवारियों को भरकर निकल जाती हैं। ऐसे में रोडवेज के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
नियमानुसार प्राइवेट वाहनों को रोडवेज से दो किलोमीटर के दूरी पर खड़ा होना चाहिए, लेकिन प्राइवेट बस के संचालक नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए रोडवेज के गेट के सामने से ही सवारी उठा ले जा रहे हैं। रोडवेज के कर्मचारी लाचार होकर ये सब देखते रहते है। जबकि इसकी शिकायत कई बार प्रशासन से करने के बावजूद इस पर अब तक कोई भी कार्रवाई नहीं हो पाई है। रोडवेज के कर्मचारी जब रोड पर बसें खड़ी करते है तो निजी बस वाले यात्री के हाथ से सामान छीन कर जबरदस्ती अपने निजी वाहनों में बैठा लेते हैं। प्रशासन देखकर भी कुछ नहीं कर पाता है। यात्रियों के न मिलने से रोडवेज की बसें सवारी के बिना ही यात्रा करने पर मजबूर हैं, जिससे राजस्व का घाटा हो रहा है।
नियम की धज्जियां उड़ा रहे प्राइवेट वाहन चालक
सरकार के नियमानुसार प्राइवेट वाहन को रोडवेज के दो किलोमीटर के दायरे से बाहर रहना है, लेकिन बांसी के रोडवेज पर नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए प्राइवेट वाहन के संचालक रोडवेज के सामने से ही जबरदस्ती सवारियों को अपने निजी वाहनों में बैठा लेते है, रोडवेज के कर्मचारियों के कहने पर उनसे झगड़ा करने के लिए आगे आ जाते हैं। प्राइवेट वाहनों के मनमानी के बावजूद प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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प्रशासन को प्राइवेट वाहनों को हटवाने के लिए पत्र लिखा जा रहा है, प्राइवेट बसों को रोडवेज के दायरे के बाहर खड़ा करने के लिए कहा गया है, यदि मनमानी करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- कैलाश कुमार, एआरएम सिद्धार्थनगर