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Siddharthnagar News: टोल टैक्स वसूलकर छोड़ते हैं, सड़क के गड्ढे वाहन तोड़ते हैं

Thu, 20 Jul 2023 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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जर्जर और गड्ढे में तब्दील शहर से शोहरतगढ़ मार्ग। संवाद
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सिद्धार्थनगर। टोल टैक्स भरने के बावजूद हिचकोले खाते हुए यात्रा करने की विसंगति झेलनी हो तो एनएच 730 पर उसका बाजार से शोहरतगढ़ तक जाइए। भले ही इस मार्ग को एनएच का दर्जा मिला है, लेकिन इस सड़क पर हर कदम पर स्थित गड्ढे वाहनों को तोड़ रहे हैं। गड्ढों का दर्द झेलते हुए जिला मुख्यालय से शोहरतगढ़ तक जाने वाले वाहन चालकों को जब टोल प्लाजा पर टैक्स भरना पड़ता है तो वह खुद को ठगा महसूस करते हैं।
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गोरखपुर, महराजगंज से बलरामपुर को जिले से जोड़ने वाले इस एनएच 730 से प्रतिदिन हिचकोले का दर्द झेलते गुजर रहे वाहन चालकों को टोल टैक्स देना भारी लग रहा है। इस सड़क पर महराजगंज सीमा से जिले में प्रवेश करते ही आपको हर कदम पर गड्ढे मिलेंगे। इस सड़क से जिला मुख्यालय आने वालों एवं यहां से शोहरतगढ़ व बढ़नी होते हुए बलरामपुर जाने वालों को हिचकोले खाते ही गुजरना पड़ता है। कुछ स्थानों पर मरम्मत कर सड़क के गड्ढों को भर दिया गया लेकिन यहां सड़क ऊंची होने से वाहन उछल जाते हैं। सड़क के बीच बने गड्ढों में अचानक कार का पहिया गिरा तो तय मानिए गाड़ी को संभालना मुश्किल हो जाएगा। गड्ढों से बचने के लिए एकाएक स्टेयरिंग कट मारेंगे तो बगल की लेन में चल रहे दूसरे वाहन से टक्कर होने में देर नहीं लगेगी। इसलिए भलाई इसी में है कि भूल जाइए कि आप एनएच पर चल रहे हैं। तभी सुरक्षित मंजिल तक पहुंचने की उम्मीद कीजिएगा। हालत यह है कि कार हो या ट्रक- बस, लहराते हुए चलती हैं। उसका बाजार से शोहरतगढ़ के बीच 30 किलोमीटर के बीच अनगिनत गड्ढों है जिनमें स्पीड में गिरने पर गाड़ी में कुछ न कुछ नुकसान तय है। टायर फट सकता है या शॉकर- कमानी या चेसिस तक टूट सकती है। रफ्तार में ऐसा होने का मतलब गाड़ी अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो सकती है।

हर मिनट गुजरते हैं 25 वाहन
जिले को पूरब में गोरखपुर और पश्चिम में बलरामपुर, गोंडा व लखनऊ को जोड़ने वाले इस एनएच पर हर समय आवाजाही रहती है। दूरदराज के छोटे-बड़े वाहनों के अलावा जिले के लोग भी बाइक, कार आदि लेकर गुजरते रहते हैं। दिन में प्रत्येक मिनट में 20 से 25 वाहन गुजरते है। वहीं इस सड़क पर गड्ढों में गिरने और उछाल मारने से प्रतिदिन हादसे हो रहे हैं।
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जिले में है दो स्थानों पर टोल प्लाजा
एनएच 730 पर बढ़नी के पास टोल प्लाजा है, वहीं ककरहवा से बांसी, बस्ती एनएच पर भी टोल प्लाजा है। स्थानीय निवासी वाहन चालक राकेश का कहना है कि एनएच के गड्ढों का दर्द झेलने के बाद टोल टैक्स देना बहुत भारी पड़ रहा है। गड्ढों के हिचकोले से शरीर में दर्द तो बढ़ ही रहा है, वाहन भी कबाड़ हो जा रहा है। जिसे मरम्मत कराने में लाखों रुपये खर्च हो गए हैं।
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दर्द के साथ ही बढ़ गया टोल टैक्स
एनएच के गड्ढों का दर्द कम होने के बजाए बढ़ा ही साथ ही टोल टैक्स भी बढ़ गया है। इससे वाहन चालकों में नाराजगी है। वाहन चालक अधिवक्ता कृपाशंकर त्रिपाठी, दीपक दुबे का कहना है कि इस अर्द्धनिर्मित और गड्ढायुक्त सड़क पर टोल टैक्स लगाने का कोई औचित्य नहीं है। अगर सड़क का मरम्मत नहीं हुआ तो टोल टैक्स लेने के विरुद्ध कोर्ट में वाद दाखिल करेंगे।
वाहन पुरानी दर नई दर
कार 30 रुपये 30 रुपये
व्यावसायिक 45 रुपये 50 रुपये
(हल्के)
बस 100 रुपये 105 रुपये
व्यवसायिक 155 रुपये 160 रुपये
(बड़े वाहन)
थ्री एक्सेल 105 रुपये 110 रुपये

एनएच 730 के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के साथ ही बाईपास निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही भूमि अधिग्रहित हो जाएगी, उसके बाद निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। तत्काल में गड्ढों की मरम्मत कराई गई है।
- आरके वर्मा, अधिशासी अभियंता एनएच

डेढ़ वर्ष बाद भी नहीं हुआ पीएमजीएसवाई सड़क का निर्माण
सिद्धार्थनगर। खेसरहा क्षेत्र के पीएमजीएसवाई में चयनित बांसी धानी मार्ग पर स्थित सेमरा मुस्तहकम गांव से बेलौहा बाजार सात किमी सड़क गड्ढे में बदल चुकी है। डेढ़ वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में चयन हुआ था, लेकिन अब तक इस मार्ग पर सड़क निर्माण से संबंधित कोई कार्य नहीं किया गया। जिससे इस मार्ग पर स्थित मरवटिया बाज़ार, टिकुईया, रेहरा कसिहरा तथा छपवा गांव के सामने मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।
क्षेत्र के इस प्रमुख मार्ग से प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग सफर करते हैं। जल निकासी के व्यवस्था न होने से बारिश से सड़क पर जलभराव होने से सड़क टूटकर गड्ढे में बदल चुकी है। इससे मरवटिया चौराहे के आसपास के दुकानदारों का व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है। चौराहे पर जलभराव की समस्या काफी दिनों से बनी हुई है। इधर सड़क भी बहुत जर्जर होकर गड्ढे में तब्दील हो गई है। मार्ग की पटरियों पर भी कब्जा है। ऐसे में बारिश के मौसम में सड़क में बने गड्ढे में पानी भर जाने के कारण आवागमन खतरनाक हो गया है। सड़क के किनारे कीचड़ भरा रहता है। ऐसे में कब कोई दुर्घटना हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। प्रधान धर्मेंद्र जायसवाल का कहना है कि ब्लॉक मुख्यालय का मुख्य मार्ग होने से क्षेत्र के दर्जनों गांव का आना जाना इसी मार्ग से होता है। बारिश होने पर गड्ढे युक्त सड़क की समस्या बढ़ जाती है।
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