बांसी/सकारपार। बांसी तहसील मुख्यालय स्थित रोडवेज बस अड्डे के मुख्य प्रवेश द्वार पर निजी वाहनों का अवैध जमावड़ा लगातार बना हुआ है। गेट के सामने प्राइवेट बस, टेंपो, ऑटो और बोलेरो चालक खुलेआम सवारियां भर रहे हैं। इससे रोडवेज बसों के संचालन में बाधा उत्पन्न हो रही है और सड़क पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। यात्रियों और राहगीरों को भी आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, डग्गामार वाहन चालक यात्रियों को जल्दी गंतव्य तक पहुंचाने का लालच देकर रोडवेज बसों के बजाय अपनी गाड़ियों में बैठा लेते हैं। इससे रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या प्रभावित हो रही है। परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से कई बार बस अड्डे के मुख्य गेट के सामने निजी वाहनों को खड़ा न करने के निर्देश दिए गए लेकिन उनका पालन नहीं किया जा रहा है।
निजी वाहन चालक सड़क पर आड़े-तिरछे वाहन खड़े कर सवारियां भरते हैं, जिससे बस अड्डे के बाहर अक्सर लंबा जाम लग जाता है। इसका सबसे अधिक असर रोडवेज बसों के संचालन पर पड़ता है। कई बार बसों को बस अड्डे से बाहर निकलने और अंदर प्रवेश करने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
यात्रियों का कहना है कि रोडवेज बसों में यात्रा निजी वाहनों की तुलना में अधिक सुरक्षित और किफायती मानी जाती है। इनमें निर्धारित सीटों पर यात्रा की सुविधा के साथ दुर्घटना की स्थिति में बीमा सुरक्षा का लाभ भी मिलता है। इसके विपरीत कई निजी वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जाती हैं और मनमाना किराया वसूला जाता है। ऐसे में किसी दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा का भी खतरा रहता है।
बस स्टेशन पर पूर्व में लगाए गए चार्ट के अनुसार, बांसी रोडवेज बस स्टेशन से प्रतिदिन करीब 72 बसों का संचालन होता है, जिनसे लगभग 2,500 यात्री आवागमन करते हैं। इसके बावजूद मुख्य गेट पर निजी वाहनों की भीड़ व्यवस्था पर भारी पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और परिवहन विभाग से अभियान चलाकर अवैध रूप से सवारी भरने वाले निजी वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और बस अड्डे के बाहर यातायात व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।
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इन जगहों के लिए चलाई जाती हैं बसें
बांसी बस अड्डे से बस्ती, अयोध्या धाम, लखनऊ, दिल्ली, आनंद विहार, आलमबाग, कानपुर, मेंहदावल ,खलीलाबाद, सहजनवा, गोरखपुर, पथरा, डुमरियागंज, उतरौला, गोंडा, करनैलगंज, कैसरबाग, बढ़नी, ककरहवा आदि जगहों के लिए बसें चलाई जातीं हैं।
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बोले जिम्मेदार
जल्द ही अभियान चलाकर रोडवेज बस अड्डा गेट के सामने से प्राइवेट वाहनों को सवारी भरने पर रोक लगाई जाएगी। इसके बावजूद अगर कोई मनमानी मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शशांक शेखर राय, उपजिलाधिकारी, बांसी
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बोले यात्री
प्राइवेट बसों की अपेक्षा रोडवेज बसों से यात्रा अधिक सुरक्षित और सस्ती होती है। इसके बावजूद रोडवेज गेट के सामने निजी वाहन कब्जा जमाए रहते हैं। जिम्मेदार अधिकारियों को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
दिवाकर उपाध्याय, निवासी, कस्बा, बांसी
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रोडवेज के सामने हर समय निजी वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे बसों के निकलने में दिक्कत होती है। कई निजी वाहन चालक यात्रियों को जबरदस्ती बैठाते हैं लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
रविंद्र गुप्ता, बांसी कस्बा निवासी