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Siddharthnagar News: सर्वे में 22 हजार किसान मृत मिले, धनराशि की होगी रिकवरी

Thu, 18 Jan 2024 12:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के सर्वे में 22 हजार ऐसे किसान मिले हैं। जिनकी मृत होने के बाद खाते में धनराशि गई है। विभाग की ओर से जांच कराया जा रहा है कि किस किसान के खाते में मौत के बाद कितनी राशि गई है। इसके बाद उस राशि को जमा करवाएगी। तभी पुत्र व पत्नी सम्मान निधि के पात्र होंगे। उन्हें योजना से जोड़कर उसका लाभ दिया जाएगा।
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केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों की आय को दोगुना करने के साथ ही पांच वर्ष पहले यानी वर्ष 2019 में किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी। पहले तो विभाग की ओर से लेखपालों क रिपोर्ट पर किसानों योजना से जोड़ा गया। इसमें प्रतिमाह किसानों को पांच सौ रुपये की दर से एक वर्ष में छह हजार रुपये तीन किस्त में किसानों को बैंक खाते के माध्यम से दिया जा रहा है। किसानों को अब तक 14 किस्त तक मिल चुकी है। यह जांच की जा रही है कि मृत्यु के बाद तक किसानों के खाते में सम्मान निधि भेजी गई है।
जिले में 3.70 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है। अपात्र किसानों को लाभ मिलने और पात्र किसानों को वंचित होने की बात लगातार सामने आ रही थी। इसके साथ ही अधिकांश किसानों के खाते में धनराशि नहीं पहुंचने की शिकायत किसान कार्यालय में पहुंचकर कर रहे थे। इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार की ओर से जून माह में सर्वे करके मृत किसानों को हटाकर उनके परिवार को जोडऩे, अपात्र किसानों को सूची से हटाने और खातों की गड़बड़ी सही करने के लिए कृषि, ग्राम विकास और राजस्व विभाग की ओर से सर्वे अभियान चलाया गया। इस सर्वे में अब तक 22 हजार ऐसे किसान पाए गए हैं, जिनकी मौत हो चुकी है। इसके बाद भी उनके बैंक खाते में धनराशि जा रही थी। अब कृषि विभाग यह जांच करवा रहा है कि मृत होने के बाद किसान के खाते में कितनी किस्त गई है। पता चलने के बाद किस्त जमा करवाएगा। इसके बाद पुत्र और पत्नी को योजना से जोड़ा जाएगा।
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जबतक जमा नहीं करेंगे धनराशि, नहीं मिलेगा लाभ

किसान सम्मान निधि में जिस परिवार के मुखिया की मौत हुई है, उसके परिवार के सदस्य जिसके नाम से भूमि हुई है, उसे योजना से जोडऩा है। योजना से जोडऩे से पहले मृत के बाद जाने वाली किस्त को सरकारी खाते में जमा करना होगा। इसके बाद विभागीय अधिकारी रिपोर्ट लगाएंगे कि संबंधित किसान की मृत्यु हो गई। उसके स्थान पर उसके पुत्र को जोड़ा गया है। अधिकारी के अप्रूव करने के बाद योजना का लाभ मिलेगा।

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किसान सम्मान निधि के सर्वे में मृत मिले किसानों के परिवार जिनके नाम से भूमि होनी है। उन्हें योजना से जोड़ा जाएगा, लेकिन इससे पहले उन्हें किसान की मृत्यु के बाद खाते में जाने वाली धनराशि को जमा करना होगी। तभी वह योजना के लिए पात्र माने जाएंगे। जांच करने की प्रक्रिया चल रही है।
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-अरविंद विश्वकर्मा, उप निदेशक कृषि
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