स्कूल में कहीं 18 शिक्षक तो कहीं दो-दो प्रधानाध्यापक
परिषदीय स्कूलों में तैनाती का हाल, 441 प्राथमिक स्कूल एक शिक्षक के भरोसे
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। कहीं 18 शिक्षक तो कहीं दो-दो प्रधानाध्यापक। 441 प्राथमिक स्कूल एक शिक्षक के भरोसे। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सतीश द्विवेदी के जिले में यह हाल तब है जब चार जनवरी को समीक्षा बैठक में उन्होंने शिक्षकों की जल्द तैनाती का निर्देश दिया था। बैठक में अफसरों ने भी सोमवार (छह जनवरी) तक प्रक्रिया पूरी करने की बात कही थी। बावजूद इसके 10 जनवरी तक ऐसा नहीं हो सका।
जिले में वर्ष 2019 में प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक के 149 विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम में सम्मिलित किया गया था। छह सितंबर को प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में छात्र संख्या के आधार पर तीन से पांच अंग्रेजी माध्यम के अध्यापकों की तैनाती की गई। पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में कम से कम तीन अध्यापक नियुक्त हुए। सभी शिक्षकों ने कार्यभार ग्रहण कर लिया। इसके बाद इन्हीं विद्यालयों पर हिंदी माध्यम के अतिरिक्त शिक्षकों का समायोजन के लिए चार दिसंबर को डायट प्राचार्य माधव त्रिपाठी की अध्यक्षता में काउंसलिंग कराई गई। इसमें 245 शिक्षक शामिल हुए। विभागीय जानकारों के मुताबिक काउंसलिंग के सप्ताह बाद भी परिणाम हो जाना चाहिए। पर एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी ऐसा नहीं हुआ।
वर्तमान में शोहरतगढ़ ब्लॉक क्षेत्र के लेदवा माफी और उसका के सेखुई में दो-दो प्रधानाध्यापक तैनात हैं। नौगढ़ के विद्यालय रेहरा में 17 और तेतरी प्रथम में 18 शिक्षकों की तैनाती है। इसी तरह बांसी के चेतिया व नौगढ़ के लमतहियवा में 10-10 शिक्षकों की तैनाती है। डायट प्राचार्य माधव त्रिपाठी ने बताया कि सूची में कुछ त्रुटियां थीं, दो से तीन दिन में परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। बीएसए डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी ने बताया कि मामले में कुछ प्रार्थना पत्र पड़े थे, जिनके निस्तारण के लिए डायट प्राचार्य ने निर्देश दिया था। जिसका निस्तारण कर दिया गया है। सोमवार को प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
डीएम की पहल पर हुई थी काउंसलिंग
शिक्षकों के समायोजन का मामला शुरू से ही विवादों में रहा है। पहले रुपये के लेनदेन कर शिक्षकों की नियुक्ति का मामला सामने आया। इस पर डीएम दीपक मीणा के पास शिकायत आई तो उन्होंने फिर से काउसलिंग कराने का निर्देश दिया। काउंसलिंग शुरू हुई, लेकिन अब तक शिक्षकों का समायोजन नहीं हो सका। बीएसस और डायट प्राचार्य के चक्कर में समायोजन का मामला रुका हुआ है।
एक शिक्षक के भरोसे चल रहे 441 स्कूल
जिले में 2700 से अधिक प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूल हैं। इसमें से 441 प्राथमिक विद्यालय ऐसे हैं, जहां सिर्फ एक शिक्षक की ही तैनाती है। इनके भरोसे स्कूलों के संचालन से लेकर कई कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने का भी जिम्मा है।