सिद्धार्थनगर। पंचायत राज सेवा परिषद के नेतृत्व में पंचायती राज विभाग के कर्मचारियों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में धरना दिया। एकजुटता दिखाते हुए पंचायत राज विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को ग्राम्य विकास विभाग के अधीन किए जाने के प्रयासों का हर संभव विरोध करने का निर्णय लिया।
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि ग्राम्य विकास विभाग कुचेष्ठा कर पंचायती राज विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों पर अपना आधिपत्य स्थापित कर शासकीय कार्यों में व्यवधान उत्पन्न कर रहे हैं। इससे एक ओर जहां पंचायती राज व्यवस्था चरमरा कर दम तोड़ रही है, वहीं पंचायती राज विभाग के अधिकारी-कर्मचारी अपने अस्तित्व को बचाने के लिए कराह रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1987 के बाद ही यह स्पष्ट हो गया है कि ग्राम्य विकास व पंचायती राज दोनों अलग-अलग विभाग हैं और दोनों विभाग के बजट, कार्यविधि अलग-अलग हैं।
पूरे प्रदेश में ऐसा कोई उदाहरण नहीं है कि एक विभाग का दूसरे विभाग के कार्य व कर्मचारियों पर नियंत्रण हो। ग्राम्य विकास विभाग के इस मनमानी के विरोध में संघ का आंदोलन जारी रहेगा। एक से 14 सितंगर तक सुबह 10 से 5 बजे तक वर्क टू रूल के अनुसार कार्य करेंगे।
26 सितंबर को लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान में बस्ती मंडल के पंचायती राज कर्मचारी धरना देंगे। इसके बाद भी मांग पूरी नहीं हुई तो विधानसभा का घेराव करने को बाध्य होंगे। धरने में रवि कुमार, बृजेश गुप्ता, आशुतोष मिश्रा, ओमप्रकाश पंकज, वीरेंद्र प्रताप सिंह, प्रेम सागर, सुशील अंबेडकर, लल्लन भास्कर, रामलौटन, अमरनाथ मिश्र, राजू सिंह, अरुण श्रीवास्तव, जगनारायण, इंद्रजीत यादव, पशुपति पाठक, ब्रह्मदेव सिंह, रणवीर सिंह, बृजेश कुमार यादव, राकेश सिंह, कृष्ण चंद यादव, कौशल कुमार यादव, कलीमुज्जफर, विमलकांत, राकेश यादव, लालजी गौतम आदि मौजूद रहे।