मोहर्रम की तैयारियां जोरों पर, इमामबाड़ा-दरगाह की हुई सफाई
डुमरियागंज। मानवता सम्राट हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाए जाने वाले मोहर्रम की तैयारियां जोर-श्शेर से शुरू हो गई हैं। जिले के शिया बहुल कस्बा हल्लौर में इमामबाड़ा और दरगाह, कर्बला की रंगाई-पुताई और सजावट का काम चल रहा है। मोहर्रम पर रखे जाने वाले छोटे-बड़े ताजियों का निर्माण भी अंतिम चरण में है। वहीं, जुलूस मार्गों और नालियों की सफाई की जा रही है। देश के कोने-कोने में बसे कस्बे के लोग हल्लौर पहुंचने शुरू हो गए हैं।
मोहर्रम इस बार चंद दर्शन के अनुसार 31 जुलाई से 9 अगस्त यानी आशूरा तक मनाया जाएगा। इस दौरान निरंतर मरसिया-मजलिस आयोजित होगी। सातवीं, आठवीं और दसवीं को अलम-ताबूत, मेहंदी, जुलजनाह और ताजिया का जुलूस निकलेगा। उसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। मरसिया मजलिस के मद्देनजर लोग अपने घर की साफ-सफाई और रंग रोगन करा रहे हैं।
हल्लौर कस्बे में मोहर्रम के मद्देनजर जगह-जगह काले झंडे और बैनर लगाने के साथ ही लोगों के लिए प्याऊ का भी इंतजाम किया जाएगा। हल्लौर के अलावा भटगवा, रामभारी, नऊंवागांव, जमोतिया, हटवा, तिलगड़ियां, बेवा, वासा तथा अंदुआ आदि स्थानों पर भी मोहर्रम की तैयारियां जोरों पर हैं। हर कोई मोहर्रम को पूरी शिद्दत और अकीदत के साथ मनाने की तैयारियों में जुटा है।
साफ-सफाई और सुचारु बिजली व्यवस्था की मांग
डुमरियागंज। हल्लौर स्थित इमामबाड़ा वफफ शाह आलमगीर सानी के मुतवल्ली नौशाद हैदर एडवोकेट और इमामबाड़ा हुसैनिया बाबुल के मुतवल्ली अकबर मेहंदी और खजांची काजिम मेहंदी ने तैयारियों के मद्देनजर पैगाम दिया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मोहर्रम के मद्देनजर इमामबाड़ा और कस्बे की साफ-सफाई तथा बिजली व्यवस्था बेहतर कराई जाए।